कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद छोड़ने के बाद साफ कर दिया है कि उनकी रुचि राष्ट्रीय राजनीति में नहीं है और वो राज्य की राजनीति में ही सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं. सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व की ओर से उन्हें राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. हालांकि पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें जारी हैं. बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर कांग्रेस नेतृत्व लगातार उनसे संपर्क में है.