इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक्शन में है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अमेरिकी नौसेना अब होर्मुज में नाकाबंदी करेगी. ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज से आने जाने वाले हर जहाज की निगरानी होगी और साथ ही अवैध टोन लेने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं, जहां उनके आगमन के साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अहम बातचीत शुरू होने जा रही है. तय कार्यक्रम के अनुसार, वो सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद वार्ता का मुख्य दौर शुरू होगा. शरीफ ने इस बैठक को ‘मेक-ऑर-ब्रेक’ बताते हुए इसे स्थायी युद्धविराम का आखिरी अवसर करार दिया है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने आगे की बातचीत को लेकर सस्पेंस बनाए रखते हुए कहा कि पिछली सरकारें दशकों से केवल बातचीत करती रहीं, लेकिन अब कल की बैठक ही तय करेगी कि आगे क्या होगा. ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह अंतिम दौर होगा या वार्ता आगे बढ़ेगी, जिससे इस हाई-प्रोफाइल बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.
अमेरिका 24 घंटे पहले ईरान को पाषाण युग में पहुंचाना चाहता था लेकिन डेडलाइन से ठीक डेढ़ घंटे पहले उसने ईरान के साथ 2 हफ्ते के लिए सीजफायर कर लिया है. माना जा रहा कि चीन की एंट्री से ये युद्धविराम संभव हो पाया कूटनीति का सही इस्तेमाल कर न सिर्फ उसने ईरान को मनाया बल्कि अमेरिका को भी राजी किया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई धमकी को खत्म होने में ज्यादा वक्त नहीं बचा है. पूरी दुनिया आसार लगा रही है कि अमेरिका ईरान के साथ कुछ बहुत बड़ा करने वाला है. इस धमकी के बाद ईरान कहा है कि ट्रंप ईरान को लेकर भ्रम में है साथ ही ईरान के जनता से मानव श्रृंख्ला बनाकर एकजुट होकर विरोध की अपील की है.
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब और व्यापक होता नजर आ रहा है, जहां ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और युद्ध विराम से इनकार कर दिया है. तेहरान के अधिकारियों का आरोप है कि UAE इस जंग में निष्पक्ष नहीं है, बल्कि उसने अमेरिका और इजरायल को अपने सैन्य ठिकानों और एयर फैसिलिटी का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है. इन आरोपों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि अब संघर्ष के दायरे के विस्तार की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि हालिया हमलों के बाद ईरान की सैन्य और तकनीकी क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है और देश “स्टोन एज” जैसी स्थिति में पहुंच गया है. ट्रंप ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना था. उनके इस बयान के बाद ‘स्टोन एज’ शब्द चर्चा में आ गया है, जिसका अर्थ पाषाण युग से है. एक ऐसा प्रागैतिहासिक काल जब इंसान पत्थर के औजारों पर निर्भर थे और तकनीकी विकास बेहद सीमित था. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने इस शब्द का इस्तेमाल ईरान की तबाही को दर्शाने के लिए किया है.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 32वें दिन हालात और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर अपने संबोधन में अब तक की कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए खुद की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान के इस्फाहान स्थित मिसाइल साइट पर जोरदार बमबारी की है, जिससे पूरा इलाका धुएं से भर गया. इसके जवाब में ईरान ने भी पलटवार करते हुए हमलों की 89वीं लहर शुरू कर दी है. लगातार जारी हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच यह युद्ध थमता नहीं दिख रहा, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता और बढ़ती जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से युद्ध को दो से तीन हफ्ते में खत्म करने की बात के बाद अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. पेजेशकियान ने कहा कि अगर ईरान पर हमला रुका तो ईरान भी हमला नहीं करेगा और कहा कि ईरान ने किसी भी चरण पर तनाव या युद्ध की चाहत नहीं रखी.
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि यदि होर्मूज स्ट्रेट को नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के सभी ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें तबाह कर सकता है. इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि होर्मूज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है.
31 वां दिन.. और पश्चिम एशिया में अभी भी जोरदार हमले जारी हैं. इजरायल और अमेरिका अपनी मुहिम में जुटे हैं तो ईरान ने अब हमले को और तेज कर दिया है. उधर ट्रंप धमकी दे रहे हैं, लेकिन इसका असर होता दिख नहीं रहा. तमाम हलचल के बीच इस बात की आशंका बढ़ती जा रही है कि अब खार्ग द्वीप पर अमेरिका कब्जे का कदम उठा सकता है और ईरान के यूरेनियम पर कब्जे का प्लान है.
अमेरिका-इजरायल-ईरान जंग को शुरु लगभग एक महीना पूरा हो गया. इस युद्ध में न तो कोई जीत रहा है और न ही कोी हार मान रहा है. ऐसेस में एक सवाल बार- बार उठ रहा है कि क्या अमेरिका ने ईरान से जंग छेड़कर बड़ी गलती कर दी है और ट्रंप बुरी तरह से फंस चुके है.
महायुद्ध के 28वें दिन भी बारुदी जंग चल रही है और सीजफायर पर ट्रंप की बयानबाजी भी जारी है. अब ट्रंप ने बातचीत के नए दावे के साथ ईरान के लिए नया अल्टीमेटम जारी किया है. इस अल्टीमेटम के क्या मायने हैं, क्या 10 दिन में ट्रंप युद्ध रोक देंगे या फिर बड़े ऑपरेशन से पहले की ये कोई तैयारी है? देखें आज सुबह.
अब तक महायुद्ध में बम-गोले-बारुद बरस रहे थे. अब सीजफायर के लिए फायर है. युद्ध विराम की शर्तों पर कोहराम मचा है. अमेरिका ने 15 शर्तों के साथ शांति वाला प्लान रखा तो ईरान ने पहले बातचीत को ही नकारा. अमेरिकी की हार बताते हुए खुद से बात करने वाली दलील पेश की. हुंकार भरते हुए चिड़ाने वाले वीडियो तक जारी कर दिया. अब जंग रोकने के लिए 5 शर्ते रखी तो अमेरिका ने चेतावनी दे दी है. देखें आज सुबह.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान के साथ अमेरिका की बेहद मजबूत बातचीत हुई है और लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. लेकिन बातचीत के इस खबर को ईरान ने सिरे से नकार दिया है. और इस बीच ईरान और अमेरिका की ओर से हमले अभी भई जारी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन दी थी. लेकिन ट्रंप की धमकी का ईरान पर कोई असर नहीं हुआ. जंग में तीन हफ्ते संघर्ष के बाद अब अमेरिका ईरान से शांति वार्ता के लिए अपने कदम आगे बढ़ा रहा है. ट्रंप प्रशांसन ने इसपर आंतरिक चर्चा शुरु कर दी है.
ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की जंग का आज 21वां दिन है. दोनों ओर से हमले जारी है. कोई पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक दावा किया है. IRGC ने ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है. 20 दिनों में अबतक क्या-क्या हुआ? देखें आज सुबह.
ईरान, इजरायल और अमेरिकी के बीच छिड़ी जंग का आज 20वां दिन है. आज महायुद्ध ने नया मोर्चा और जंग तेल-गैस युद्ध तक जा पहुंचा है. जिसके बाद सवाल हैं कि कैसे महायुद्ध में तेल-गैस जंग शुरू हुई? इजरायल ने दक्षिण पार्स फील्ड पर हमले से ईरान का खून क्यों खौला? जानने के लिए देखें 'आज सुबह'.
युद्ध के बीच यूंं ईरान के सर्वोच्च सुरक्षा सेना के परिषद अली लारिजानी का मारा जाना इजरायल के लिए एक बड़ा झटका है. अब सवाल ये उठता है कि लारिजानी के बाद अब ईरान को कौन संभालेगा. इजरायल एक-एक कर ईरान के सारे टॉप कमांडर्स को ढेर कर रहा है.
यूपी पुलिस ने गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में 2 बदमाशों को मार गिराया, जिन पर एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग करने का आरोप था. वे गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े थे. इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में पुलिस ने टिल्लू ताजपुरिया और नीरज बवाना जैसे गैंगस्टर्स के ठिकानों पर छापेमारी की. देखें आज सुबह.
प्रधानमंत्री मोदी का 75वां जन्मदिन देश भर में मनाया जा रहा है. इस अवसर पर दुनिया भर से शुभकामनाएं मिल रही हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर बधाई दी है. दिल्ली से वाराणसी, पुरी, अहमदाबाद, रांची, पटना, देहरादून सहित कई शहरों में कार्यकर्ता और प्रशंसक अपने-अपने अंदाज में प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दे रहे हैं. देखें आज सुबह.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र में भारी बारिश, बादल फटने, नदियों में उफान और भूस्खलन के कारण सड़कें, पुल, मकान और दुकानें बह गईं, जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं. देखें 'आज सुबह'.