ओडिशा के मलकानगिरी जिले के घने जंगलों में पुलिस ने नशे के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए मोबाइल हशीश ऑइल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है. कोरापुट रेंज के डीआईजी डॉ. केवी सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चित्रकोंडा क्षेत्र के दुर्गम वन इलाके में छापेमारी कर करीब 800 लीटर हशीश ऑइल बरामद किया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कुछ तस्कर अंधेरे और जंगल की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है.
पुलिस के मुताबिक, तस्कर इस नशीले पदार्थ को महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में तस्करी करने की तैयारी में थे. मौके से 50 किलो गांजा और तेल निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तस्करी कनेक्शन की जांच कर रही है.
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जानकारी के अनुसार पुलिस को पहले से खुफिया सूचना मिली थी कि जंगलों के भीतर बड़े पैमाने पर गांजे से हशीश ऑइल बनाने का काम चल रहा है. इसी सूचना के आधार पर तड़के योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई और पूरी यूनिट का पर्दाफाश हुआ.
जंगलों के बीच छिपी थी मोबाइल फैक्ट्री
तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए चित्रकोंडा के सघन वन क्षेत्र में अस्थायी फैक्ट्री स्थापित कर रखी थी. यह एक मोबाइल यूनिट थी, जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता था. इसी वजह से लंबे समय तक इस नेटवर्क का खुलासा नहीं हो सका.
डीआईजी डॉ. केवी सिंह ने बताया कि जंगलों की दुर्गम भौगोलिक स्थिति और अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आरोपी मौके से भाग निकले, लेकिन पुलिस ने 7 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है.
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार है और आने वाले दिनों में इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा किया जाएगा.
नार्को-सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार
जानकारों के मुताबिक गांजे के मुकाबले हशीश ऑइल की तस्करी आसान और ज्यादा मुनाफे वाली होती है, इसलिए तस्कर अब सीधे जंगलों में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर रहे हैं. सुकमा और मलकानगिरी पुलिस के लिए यह कार्रवाई नशे के कारोबार की कमर तोड़ने जैसी मानी जा रही है.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है. आने वाले समय में इस अंतरराज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.