हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. इस कड़ी में भारत सरकार ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल शुरू करने का निर्णय लिया है, जो 7 मई से प्रारंभ हो रही है. इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों, विशेषकर हवाई हमलों के खतरे से निपटने के लिए तैयार करना है.
इसको लेकरल ही ओडिशा राज्य में यह मॉक ड्रिल एक सप्ताह तक चरणबद्ध तरीके से चलाई जाएगी. इसकी शुरुआत बुधवार को शाम 4 बजे सायरन बजाकर की जाएगी, जो लगभग पांच मिनट तक बजेगा. यह सायरन नागरिकों को ड्रिल की शुरुआत की जानकारी देगा. ड्रिल पूर्ण होने के बाद एक और सायरन बजाया जाएगा, जिससे लोगों को अभ्यास समाप्त होने की सूचना मिलेगी.
ओडिशा अग्निशमन सेवा के महानिदेशक सुधांशु सारंगी ने बताया कि ड्रिल का संचालन आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, अग्निशमन सेवाओं और अन्य प्रमुख एजेंसियों के समन्वय से किया जा रहा है. मॉक ड्रिल का पहला चरण तटीय जिलों और शहरी क्षेत्रों में केंद्रित रहेगा.
इन 12 जिलों में होगा अभ्यास
ड्रिल के लिए जिन 12 जिलों को चिह्नित किया गया है, उनमें अनुगुल, खोरधा, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, गंजाम, जगतसिंहपुर, ढेंकनाल, पुरी, कोरापुट और सुंदरगढ़ शामिल हैं. इन जिलों में सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है. यह व्यापक मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी आपातकालीन स्थिति में सतर्क और तैयार रहने का अभ्यास कराएगी.