scorecardresearch
 

सरकारी दफ्तरों में नहीं हो रही थी सुनवाई, MP में पूर्व विधायक की पत्नी ने खुद पर डाल लिया केरोसिन

बड़वारा के पूर्व कांग्रेस विधायक विजय राघवेंद्र सिंह की पत्नी रंजीता सिंह ने तहसील कार्यालय में खुद के ऊपर केरोसिन डाल लिया. हालांकि कोई अनहोनी नहीं हुई. जिसके बाद उन्हें समझा बुझाकर शांत किया गया.

Advertisement
X
खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलती पूर्व विधायक की पत्नी.
खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेलती पूर्व विधायक की पत्नी.

मध्य प्रदेश के पूर्व कांग्रेस विधायक विजय राघवेंद्र सिंह की पत्नी ने कटनी जिले के तहसील कार्यालय में आत्महत्या करने की कोशिश की. रंजीता सिंह ने खुद पर मिट्टी का तेल डाला, लेकिन आसपास के लोगों ने आत्मदाह की कोशिश को नाकाम कर दिया. उसने आरोप लगाया कि जमीन विवाद में उसकी शिकायत अनसुनी कर दी गई.

महिला ने कहा कि उन्होंने दो साल पहले बिलायत कला गांव में जहान सिंह नाम के व्यक्ति से जमीन खरीदी थी, लेकिन उस पर अतिक्रमण है और पिछले छह महीने से तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ. 

रंजीता सिंह ने नायब तहसीलदार की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि इससे उसे काफी मानसिक तनाव हो रहा है. बरवारा निवासी रंजीता सिंह ने 15 सितंबर 2021 को जहान सिंह से 1176 वर्ग फीट जमीन खरीदी थी. 

अफसरों ने बताया कि जमीन पर वर्तमान में बिलायत कला गांव निवासी अनुरोध तिवारी का कब्जा है. इस मामले पर बोलते हुए बड़वारा की नायब तहसीलदार अनुराधा सिंह ने कहा कि रंजीता सिंह का मामला राजस्व विभाग में दर्ज है. उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष का साल 1995 से जमीन पर कब्जा है, जबकि आवेदक का नाम 2021 में दर्ज हुआ है.

Advertisement

अनुराधा सिंह ने कहा कि मामला विवादित होने के कारण लंबित है और उन्होंने रंजीता सिंह के लापरवाही के आरोपों को नकार दिया. नायब तहसीलदार ने कहा कि अदालत द्वारा कानूनी कार्यवाही उचित तरीके से की जा रही है.

उप-विभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि रंजीता सिंह ने न्यायिक कार्यवाही में बाधा डाली, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.

बड़वारा के उप-विभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) उमराव सिंह ने थाना प्रभारी से सूचना मिलने की पुष्टि की कि पूर्व विधायक की पत्नी ने तहसील कार्यालय में आत्महत्या का प्रयास किया.

एसडीओपी ने बताया कि अनुरोध तिवारी उनकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. तहसीलदार द्वारा लिखित आदेश जारी होते ही अवैध कब्जा न हटाने पर मामला दर्ज किया जाएगा. अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के लिए पुलिस तैनात की जाएगी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement