कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे और दूषित पानी पीने से बीमार हुए मरीजों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में हाल ही में उल्टी और दस्त की गंभीर समस्या फैल गई थी, जिसे पानी के दूषित होने से जोड़ा जा रहा है. इस घटना में दर्जनों लोग बीमार हुए और कई की मौत हो गई.
राहुल गांधी सुबह 9.30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना हुए और करीब 11.00 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे. इसके बाद वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों से मुलाकात की. अस्पताल में उन्होंने गंभीर हालत में भर्ती मरीजों के परिजनों से बात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली.
भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों के साथ लोकसभा LoP और कांग्रेस MP राहुल गांधी ने कहा, "जिन लोगों ने यह किया... सरकार में कोई न कोई इसके लिए जिम्मेदार होगा. सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए... यह सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ."
#WATCH | Indore, MP | Accompanied by the families of victims of water contamination in Bhagirathpura, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "Those who got this done... Someone in the government must be responsible for having this done. The government should take… pic.twitter.com/xJk9Wu07jC
— ANI (@ANI) January 17, 2026
कांग्रेस नेता ने भागीरथपुरा इलाके का भी दौरा किया, जहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है. राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने 24 लोगों की मौत का दावा किया
कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि दूषित पानी पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि अभी भी 8 से 10 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है. पटवारी ने कहा कि यह पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का मामला है और लोगों को साफ पानी मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है.
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जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसमें इंदौर में पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा की जाएगी. उनका कहना है कि सिर्फ तात्कालिक कदम काफी नहीं हैं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस नीति बनानी होगी.
राहुल गांधी के दौरे से कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उठाएगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने ध्यान दिया होता, तो इतनी बड़ी त्रासदी को रोका जा सकता था.