scorecardresearch
 

युद्ध के तनाव के बीच फंसी थी खिलाड़ी बिटिया... CM मोहन यादव ने खुद संभाली कमान, अल्बानिया से प्रियांशी प्रजापत की वापसी की पूरी कहानी

MP की प्रतिभावान पहलवान प्रियांशी प्रजापत न केवल अल्बानिया में तिरंगा लहराकर वापस लौटी हैं, बल्कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रयासों से युद्ध के साये के बीच से सुरक्षित स्वदेश पहुंच गई हैं.

Advertisement
X
मुख्यमंत्री ने किया वीडियो कॉल.(Photo:ITG)
मुख्यमंत्री ने किया वीडियो कॉल.(Photo:ITG)

अल्बानिया के तिराना शहर में आयोजित 'वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप रैंकिंग सीरीज' में मध्य प्रदेश की बेटी प्रियांशी प्रजापत ने अपनी कुश्ती का लोहा मनवाते हुए सिल्वर मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है. प्रियांशी की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण वे वहां फंस गई थीं, जिन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उच्च स्तरीय प्रयासों से सुरक्षित वापस लाया गया है.

24 से 28 फरवरी तक चली इस प्रतियोगिता में प्रियांशी ने 26 फरवरी को अपना निर्णायक मुकाबला जीता. उन्होंने कजाकिस्तान, अमेरिका और मेजबान अल्बानिया की दिग्गज पहलवानों को हराकर रजत पदक पर कब्जा जमाया. बता दें कि पिछले वर्ष एशियन सीरीज में भी प्रियांशी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं.

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल पर जाना हाल
खिलाड़ी प्रियांशी की सुरक्षित भारत वापसी के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उनके उज्जैन निवासी परिजनों से वीडियो कॉल के जरिए चर्चा की. प्रियांशी के पिता ने मुख्यमंत्री द्वारा इस कठिन समय में दिए गए सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया.

संकट के समय बने 'सारथी'
जब मध्य-पूर्व एशिया में युद्ध के कारण उड़ानें और सुरक्षा प्रभावित हुईं, तब मुख्यमंत्री ने प्रियांशी और अन्य खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए. मुख्यमंत्री का प्रियांशी से पुराना जुड़ाव रहा है; जब वे मध्य प्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने प्रियांशी की प्रतिभा को देखते हुए 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी. मुख्यमंत्री ने प्रियांशी को उनकी उत्कृष्ट सफलता पर बधाई देते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement