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स्कूलों में अटेंडेंस के समय नहीं चलेगा Yes Sir या Yes Mam, बीजेपी सरकार के मंत्री बोले- 'जय हिंद' कहिए

कैबिनेट मंत्री शाह ने कहा कि स्कूलों में अटेंडेंस के समय जब टीचर बच्चों का नाम पुकारते हैं तो बच्चे प्रतिउत्तर में यस मैडम या यस सर नहीं कहेंगे. अपना नाम सुनने पर अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए वे 'जय हिन्द सर' अथवा 'जय हिन्द मैडम' कहेंगे. 

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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

स्कूलों में अटेंडेंस के समय अब 'यस मैडम' या 'यस सर' नहीं चलेगा. छात्र-छात्राओं को अब 'जय हिंद' कहना होगा. यह फरमान है मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह का. 

मंत्री शाह ने कहा कि स्कूलों में अटेंडेंस के समय जब टीचर बच्चों का नाम पुकारते हैं तो बच्चे प्रतिउत्तर में यस मैडम या यस सर नहीं कहेंगे. अपना नाम सुनने पर अटेंडेंस दर्ज कराने के लिए वे 'जय हिन्द सर' अथवा 'जय हिन्द मैडम' कहेंगे. 

इसके पीछे जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का तर्क है कि 'जय हिंद' बोलने से बच्चों में देशभक्ति की भावना पैदा होगी. 

छात्रावास में रात्रि-विश्राम करें अफसर
कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने कहा, ''जिले में पदस्थ अधिकारी अपने जिलों में स्थित छात्रावासों में बच्चों के साथ रात्रि-विश्राम करें. आप चाहते हैं कि छात्रावासों की दशा में व्यवस्थाओं में सुधार हो तो आपको 15 दिन में एक रात छात्रावासों में बच्चों के साथ रुकना होगा. जब आप सोएंगे तो बिस्तरों की हालत सुधरेगी. बच्चों के साथ खाना खाएं. आपको भी मालूम होना चाहिए कि वे किस प्रकार का भोजन कर रहे हैं. उनके रहने के कमरे, बाथरूम आदि में अपने आप सुधार आएगा. बच्चों के साथ वक्त बिताएंगे तो वे अपने मन की बात आपसे कह सकेंगे. आपके रुकने से अन्य कर्मचारी भी काम के प्रति गंभीर होंगे.'' 

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अधिकारी मोटिवेशनल बनें
मोहन सरकार के मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि अधिकारियों को मोटिवेशनल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि आपको शत प्रतिशत परिणाम चाहिए तो संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक सोच भी रखना होगी. 

उन्होंने कहा विभाग एक परिवार की तरह हैं, जिस तरह परिवार में माता-पिता मुखिया होते हैं. आयुक्त श्रीमन शुक्ल ने अपनी कार्य कुशलता और तत्परता से विभाग को एक नई दिशा दी है. 

50% से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों को करें तबादला
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बच्चों के परीक्षा में प्राप्तांकों का प्रतिशत यदि 50 प्रतिशत से कम रहता है तो ऐसे प्रिंसिपल और ऐसे शिक्षकों को उस स्कूल में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उनका स्थानांतरण तुरंत किया जाए. बच्चों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. 

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