मध्य प्रदेश में विपक्षी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लेटर लिखकर राज्य के प्रशासनिक सिस्टम में 'भ्रष्टाचार' के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव को हटाने की मांग की है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने PM मोदी को यह लेटर लिखा, जिसे उन्होंने मीडिया के साथ शेयर किया.
कांग्रेस नेता ने लेटर में कहा, "मुख्यमंत्री मोहन यादव को गंभीर प्रशासनिक विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि ऐसा लगता है कि उनका नेतृत्व राज्य सिस्टम पर से कंट्रोल खो रहा है."
उन्होंने कहा कि फिलहाल राज्य में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताएं और सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है और मांग की कि पूरे राज्य में जिला प्रशासन स्तर पर भ्रष्टाचार की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, चाहे वह कोई केंद्रीय एजेंसी या कोई स्वतंत्र समिति करे.
वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने पूछा, ''मुख्य सचिव स्वयं कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री जी का कहना है बिना पैसे लिए कोई कलेक्टर काम नहीं करता यह बयान भाजपा सरकार में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलती सच्चाई है. मुख्यमंत्री जी, यह विपक्ष का आरोप नहीं, आपकी ही व्यवस्था की स्वीकारोक्ति है.
जब जिले चलाने वाले जिम्मेदार अफसर ही लेन-देन की स्वार्थी प्रक्रिया में जकड़े हों, तो आम जनता को न्याय, सेवा और पारदर्शिता कैसे मिलेगी? यह सुशासन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का संस्थागत मॉडल है.
मध्यप्रदेश को दलालों और कमीशनखोरी से मुक्त करना मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता होनी चाहिए. यह प्रदेश की जनता की अनिवार्य मांग है.''