scorecardresearch
 

अब खुले में होगा शिकार... कूनो में 2 मादा चीता आजाद, CM यादव ने खुद खोले बाड़े के दरवाजे

MP के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा. भारत में चीतों की कुल संख्या अब 57 हुई...

Advertisement
X
कूनो नेशनल पार्क में अब 57 हुई चीतों की संख्या.(Photo:ITG)
कूनो नेशनल पार्क में अब 57 हुई चीतों की संख्या.(Photo:ITG)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाए गए दो चीतों को उनका क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद कूनो नेशनल पार्क के एक खुले जंगल में छोड़ दिया. इस मौके पर CM ने कहा कि नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों को फिर से बसाने का काम लगातार सफल हो रहा है और आज मध्य प्रदेश ने 'चीता राज्य' के तौर पर पूरे देश में पहचान बनाई है.

एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, CM यादव ने कूनो नदी के किनारे एक जगह पर पहचान नंबर CCV-2 और CCV-3 वाली मादा चीतों को छोड़ा. इससे 'प्रोजेक्ट चीता' को और गति मिलेगी और भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक और अहम अध्याय जुड़ जाएगा.

प्रोजेक्ट चीता का मकसद राज्य में लुप्तप्राय जानवरों की प्रजातियों को फिर से बसाना, उनकी संख्या बढ़ाना और उन्हें खुले में शिकार करने और घूमने-फिरने के लिए तैयार करना है.

CM यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश ने चीतों को अपना लिया है और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बना लिया है. चीतों को फिर से बसाने का यह प्रोजेक्ट करीब साढ़े तीन साल पहले कूनो में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था और यह सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश इस अहम प्रोजेक्ट में नए रिकॉर्ड बना रहा है."

Advertisement
कूनो की नदी किनारे दौड़ेंगी CCV-2 और CCV-3

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश धर्म, निवेश और आनुवंशिक जैव विविधता के एक बड़े केंद्र के तौर पर उभर रहा है. दो चीतों को छोड़ने के बाद CM यादव ने कूनो नेशनल पार्क का दौरा किया.
 
बता दें कि फरवरी में बोत्सवाना से कूनो लाए गए 9 चीतों (6 मादा और 3 नर) को छोटे बाड़ों में रखा गया था, ताकि वे वहां के स्थानीय माहौल में ढल सकें. अब उन्होंने अपना क्वारंटाइन पीरियड पूरा कर लिया है.

यह भी पढ़ें: कुनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारियां, फिर मां बनी 'ज्वाला', देश में चीतों की संख्या 53

एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि इन चीतों के आने से, भारत में चीतों की कुल संख्या (जिनमें देश में ही पैदा हुए शावक भी शामिल हैं) बढ़कर 57 हो गई है. यह 'प्रोजेक्ट चीता' का तीसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय चरण है.

इससे पहले, 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए थे, जबकि 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो पहुंचे थे.

यह भी पढ़ें: न सीमाओं की परवाह, न सरहद का डर... MP से निकल राजस्थान जा पहुंचे कूनो के चीते, NTCA ने कहा- यही तो है चीतों का असली व्यवहार

Advertisement

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना ​​है कि बोत्सवाना से आए चीते अपने साथ ज्यादा आनुवंशिक विविधता लाते हैं, जिससे कूनो में उनकी एक स्वस्थ और टिकाऊ आबादी तैयार करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने यह उम्मीद भी जताई है कि ये चीते कूनो के माहौल में तेजी से घुल-मिल जाएंगे. अधिकारी ने बताया कि क्वारंटाइन और वातावरण के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कुछ चीतों को मध्य प्रदेश के गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभयारण्यों में स्थानांतरित करने की तैयारियां चल रही हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement