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MP के किसानों के लिए बड़ी सौगात... अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन, स्लॉट बुकिंग को 9 मई तक बढ़ाया

MP Wheat Procurement 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के नाम अपने संदेश में गेहूं उपार्जन की सीमा बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग की तारीख आगे बढ़ाने और मुआवजे की राशि में इजाफा जैसी अहम बिंदुओं की जानकारी दी...

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100 लाख टन गेहूं खरीदेगी मोहन सरकार.(File Photo)
100 लाख टन गेहूं खरीदेगी मोहन सरकार.(File Photo)

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है.

CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है.

6 दिन होगी गेहूं खरीदी
अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है.

भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा
मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

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फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहन

  • तय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी.
  • सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं.
  • 'किसान कल्याण वर्ष' के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं.

मध्य प्रदेश बनेगा 'मिल्क कैपिटल'
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है.

यूरिया की उपलब्धता
वैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके.

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