मध्य प्रदेश के खरगोन में महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा नाबालिग निकली. माता-पिता ने अब सरकार से गुहार लगाई है कि हमारी बेटी वापस दिलाओ. भाजपा विधायक ने इसे षड्यंत्र करार दिया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेश्वर के प्रसव पंजीयन रजिस्टर में वायरल गर्ल 30 दिसंबर 2009 दर्ज है. अब फरमान पर पॉस्को एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हो गई है.
जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर पर्यटन स्थल महेश्वर फिर से देशभर में सुर्खियों में है. मामला एक नहीं, तीन राज्यों मध्य प्रदेश, केरल और उत्तर प्रदेश से जुड़ा है.
बागपत (उत्तर प्रदेश) के फरमान के साथ केरल में शादी करने के बाद वायरल गर्ल के पिता जय सिंह भोंसले ने एफआईआर के लिए थाने में आवेदन दिया था.
इसके बाद मामला और गंभीर जब हो गया, इसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान में लेकर मामले की जांच के आदेश दिए.
मोनालिसा की फरमान के साथ शादी के बाद जब माता-पिता को पता चला तो फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा के साथ महेश्वर थाने पर पहुंचकर फिर के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन मामले में तेजी तब आई जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने मामले की जांच को लेकर डीजीपी केरल और डीजीपी मध्य प्रदेश को निर्देश दिए इसके बाद जांच तेज हुई. मानव अधिकार आयोग दिल्ली ने भी खरगोन एसपी रवींद्र वर्मा को मामले की जांच के निर्देश दिए थे.
अस्पताल के रजिस्टर में दर्ज है मोनालिसा का जन्म
जब महेश्वर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसव पंजीयन रजिस्टर की जांच की गई, तो साल 2009 के रिकॉर्ड में मोनालिसा के जन्म की पुष्टि हुई. उसकी जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 लिखी थी. जांच में सामने आया कि नगर परिषद महेश्वर द्वारा जारी किया गया वह बर्थ सर्टिफिकेट फर्जी था, जिसके आधार पर उसे बालिग बताकर शादी की गई थी.
मोनालिसा को जल्द वापस दिलाने की मांग
मोनालिसा के पिता जय सिंह भोंसले और मां लताबाई ने मीडिया के सामने कहा, ''हम पहले से ही कह रहे थे कि हमारी बेटी को फंसाया गया है. वह तो सीधी सादी है, भोली है. उसे गुमराह किया गया है. झूठा सर्टिफिकेट बनाकर उसके साथ शादी की गई है. हम तो कहते हैं ये 'लव जिहाद' ही है. हमारी सरकार से मांग है कि हमारी बेटी को हमें शीघ्र वापस दिलाए.''
विधायक ने बताया- 'लव जिहाद' का मामला
मामले को लेकर महेश्वर के भाजपा विधायक राजकुमार में शुक्रवार की दोपहर सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता की. उन्होंने कहा कि ये शुद्ध रूप से 'लव जिहाद' का ही मामला है. जानबूझकर हमारे नगर की बेटी को फंसाया गया. झूठा प्रमाण पत्र बनवाया गया और उसके आधार पर शादी की गई है. पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ. सरकार जल्द से जल्द मोनालिसा को वापस लाना चाहिए.
अस्पताल का रिकॉर्ड असली
महेश्वर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अतुल गौर का कहना है, ''मोनालिसा भोंसले का जन्म प्रमाण पत्र हमारे कार्यालय ने ही जारी किया है. जिस पर बच्चों के जन्म होने पर नाम रजिस्टर्ड किया जाता है. प्रसव पंजीयन रजिस्टर में उनके माता-पिता का नाम और पुत्री का जन्म दर्ज है. 30 दिसंबर 2009 में उल्लेखित पाया गया.
नगर परिषद का कुबूलनामा
महेश्वर नगर परिषद CMO प्रियंका पांडे का कहना है, ''मोनालिसा की मां ने नगर परिषद में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था, क्योंकि हमारे रिकॉर्ड में नहीं था इसलिए तहसीलदार के आदेश पर प्रमाण पत्र बना कर दिया गया है. अस्पताल से जो जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया है, वो सही है. हमारी ओर से जारी किया गया प्रमाण पत्र गलत था, जिसे निरस्त कर दिया गया है और पोर्टल से भी हटा दिया गया है.
राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप
एडवोकेट प्रथम दुबे का कहना है, ''मोनालिसा और फरमान की शादी के बाद मामला बहुत चर्चा में आया. इसके बाद कई सवाल उठे कि मोनालिसा बालिग है या नाबालिग है? मैंने इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई कि बागपत (यूपी) में रहने वाले फरमान और महेश्वर की रहने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी हुई है. ये बेहद षडयंत्रपूर्वक शादी रची गई. केरल में राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति और पुलिस प्रोटेक्शन में शादी हुई थी. एक जनजाति भारतीय समाज की बेटी की शादी में इतने बड़े लोगों का आना एक सवाल खड़ा करता है.''