चर्चित हनीमून मर्डर केस में अब एक के बाद एक नई कड़ी जुड़ती जा रही है. राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद अब उसके बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब जल्द ही यह तय होगा कि वह जेल से बाहर आएगा या नहीं. राजा की हत्या के बाद आरोप लगा था कि सोनम और राज के संबंधों के चलते ही उसका मर्डर हुआ.
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम से हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद, 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए. 23 मई को राजा अचानक लापता हो गए. शुरू में इसे गुमशुदगी माना गया, लेकिन तलाश के दौरान 2 जून को उनका शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक झरने के पास गहरी खाई से बरामद हुआ. शव की हालत से साफ था कि यह हत्या का मामला है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि राजा के सिर पर किसी धारदार वस्तु से दो बार वार किया गया था. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. बाद में 8 जून को सोनम ने यूपी के गाजीपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था. पूछताछ में पहले उसके लूटपाट की कहानी सुनाई लेकिन बाद में हत्या की बात सामने आई. जांच के दौरान पुलिस ने सोनम और उसके कथित बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया. मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है.
अदालत में क्या हुआ
राज कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. उसके वकील पी. योबिन ने कहा कि उन्होंने अदालत के सामने सभी जरूरी पक्ष रख दिए हैं और अब फैसले का इंतजार है. उन्होंने यह भी कहा कि बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी जल्द दायर की जाएंगी.
सोनम को कैसे मिली जमानत
सोनम रघुवंशी को जमानत देते समय अदालत ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए. अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें त्रुटियां थीं. अदालत ने कहा कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से बताना जरूरी होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है. लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया सही तरीके से पूरी नहीं हुई. पुलिस ने इसे लिपिकीय गलती बताया, लेकिन अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया. अदालत का मानना था कि यह गलती आरोपी के अधिकारों को प्रभावित करती है. अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं.
जमानत की शर्तें
हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. सोनम रघुवंशी बिना अदालत की अनुमति के शिलांग जिले से बाहर नहीं जा सकेंगी. यह शर्त इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जांच एजेंसियों की नजर इस पर बनी हुई है. सोनम को जमानत मिलने के बाद राजा रघुवंशी के परिवार ने नाराजगी जताई है. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि वे इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और इसे उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे. उनका कहना है कि जांच में कई कमियां रही हैं. राजा की मां उमा रघुवंशी ने भी फैसले पर दुख जताया और कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद थी. वहीं पिता अशोक रघुवंशी ने कहा कि उन्हें अब सिस्टम पर भरोसा कम हो गया है.