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चाचा भतीजे का इंटरस्टेट गैंग... ई-रिक्शा और ऑटो में महिलाओं से करवाते थे चोरी

ग्वालियर में महिलाओं को निशाना बनाकर चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. 11 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ कई वारदातों का खुलासा हुआ है. ई-रिक्शा, बस और ऑटो में सफर के दौरान शातिर तरीके से चोरी करने वाला यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था, जिससे यात्रियों में दहशत थी.

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चाचा भतीजे का इंटरस्टेट गैंग (Photo: itg)
चाचा भतीजे का इंटरस्टेट गैंग (Photo: itg)

मध्यप्रदेश में ग्वालियर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां ई-रिक्शा, बस और ऑटो में महिलाओं को निशाना बनाकर चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस ने गैंग के सरगना समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 8 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं.

यह गैंग मुरैना के चाचा-भतीजे द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो राजस्थान, दिल्ली और आगरा की विधवा व आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर वारदातों में शामिल करते थे. गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करता था. सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं के पास बैठकर झटके का फायदा उठाते हुए उनके पर्स और बैग से गहने व नकदी चोरी कर लेती थीं और अगले स्टॉप पर फरार हो जाती थीं.

मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई

पुलिस ने CCTV और मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुरैना और बानमोर में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा. पूछताछ में सामने आया कि गैंग ने ग्वालियर समेत कई जिलों और राज्यों में दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर रही है और चोरी के सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

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 दरअसल ग्वालियर रेंज में लगातार ई-रिक्शा और ऑटो में हो रही चोरी की वारदातों से पुलिस परेशान थी. डबरा में एक महिला यात्री के पर्स से गहने और नगदी चोरी की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की. CCTV फुटेज खंगालते हुए पुलिस डबरा बस स्टैंड पहुंची. वहां संदिग्ध दो महिलाओं को फरियादी ने पहचान लिया. पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके मोबाइल की जांच की. मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने बानमोर और मुरैना में दबिश दी. यहां से गैंग के सरगना वकीला उर्फ सोनू, ललित उर्फ सोनू, गुड्डू आदिवासी समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.

महिला यात्रियों को करते थे टार्गेट

पूछताछ में सामने आया कि गैंग को मुरैना के चाचा-भतीजे संचालित कर रहे थे. सरगना ने बानमोर में एक मकान किराए पर ले रखा था. वहीं गैंग की महिलाओं को रखा जाता था. गैंग में राजस्थान, दिल्ली और आगरा की विधवा व आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को शामिल किया गया था. इन्हें रोजाना ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, आगरा और दिल्ली तक वारदात के लिए भेजा जाता था. गैंग की महिलाएं बेहद शातिर तरीके से वारदात करती थीं. ये ई-रिक्शा, बस या ऑटो में टारगेट महिला यात्री के आसपास बैठ जाती थीं. वाहन में गड्ढा आने पर जब झटका लगता, उसी दौरान ये महिलाएं होशियारी से यात्री के बैग या पर्स से गहने और नकदी पार कर देती थीं. चोरी के तुरंत बाद अगले स्टॉपेज पर उतर जाती थीं और गैंग की दूसरी महिलाओं को चोरी का सामान थमाकर फरार हो जाती थी.

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महिलाओं से 3 दिन की रिमांड पर पूछताछ

पुलिस ने बताया कि गैंग की अधिकांश महिलाएं आदिवासी हैं, लेकिन सरगना के कहने पर वह अपनी पहचान 'वाबरिया' या 'मोंगिया' बताती थीं. ऐसा पुलिस को गुमराह करने के लिए किया जाता था. गैंग की लोकेशन और CCTV फुटेज ग्वालियर के हजीरा, गोला का मंदिर, मुरार, लश्कर क्षेत्र में 17, इसके अलावा शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, आगरा और दिल्ली में भी वारदात की हैं. पुलिस को आशंका है कि गैंग ने महीनेभर में दर्जनों वारदात की हैं.

फिलहाल पुलिस,  सरगना और महिलाओं से तीन दिन की रिमांड पर पूछताछ कर रही है. चोरी के गहने कहां खपाए, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सार्वजनिक वाहनों में सफर के दौरान अपने बैग-पर्स का विशेष ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें.

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