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देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा के हिंदू होने पर उठाए सवाल, बोले- शादी सोची समझी साजिश

प्रयागराज महाकुंभ में वायरल हुई इंदौर की मोनालिसा की शादी को लेकर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश भी हो सकती है. उन्होंने लव जिहाद को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग की और कहा कि धर्म परिवर्तन पर स्पष्ट नियम होने चाहिए ताकि ऐसे विवादों को रोका जा सके.

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देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा की पहचान पर उठाए सवाल (Photo: ITG)
देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा की पहचान पर उठाए सवाल (Photo: ITG)

प्रयागराज के महाकुंभ में अपनी नीली आंखों और खूबसूरती के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई इंदौर की मोनालिसा एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार चर्चा की वजह उनकी एक मुस्लिम युवक से शादी बताई जा रही है. इस पूरे मामले पर प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे एक संभावित साजिश करार दिया है.

एक बातचीत के दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह कैसे तय किया जा सकता है कि वह लड़की वास्तव में हिंदू ही थी. उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है किसी योजना के तहत उसे हिंदू बताकर कुंभ मेले में भेजा गया हो, ताकि उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा सके और बाद में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा सके.

देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा की पहचान पर उठाए सवाल

इसके अलावा उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे पवित्र और आध्यात्मिक आयोजन का केंद्र किसी व्यक्ति की सुंदरता या आंखों को नहीं बनाया जाना चाहिए. उनके अनुसार कुंभ ज्ञान, धर्म और सनातन से जुड़े विषयों की चर्चा का मंच होता है. लेकिन लोगों का पूरा ध्यान एक लड़की की आंखों पर टिक गया, जो उन्हें दुखद लगता है. उन्होंने कहा कि अब वही लड़की शादी के बाद अपने माता-पिता से खतरा होने की बात कर रही है और यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित योजना का हिस्सा भी हो सकता है.

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देवकीनंदन ठाकुर ने लव जिहाद के मामलों को लेकर सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जिसमें यदि कोई गैर हिंदू किसी हिंदू लड़की या लड़के से शादी करता है तो उसे हिंदू धर्म अपनाना अनिवार्य होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि शादी के बाद वह व्यक्ति दोबारा अपना मूल धर्म नहीं बदल सके.

लव जिहाद को लेकर सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग

साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रेम सच्चा है तो व्यक्ति किसी भी धर्म को अपनाने की कुर्बानी दे सकता है. उनके अनुसार इस तरह का कानून बनने से समाज में होने वाले कई विवादों को रोका जा सकता है. यूजीसी से जुड़े एक सवाल पर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश को ऐसे कानूनों की जरूरत है जिससे भारत फिर कभी गुलामी की स्थिति में न पहुंचे. उनका कहना था कि ऐसे कानून बनाए जाने चाहिए जिससे सनातन को मानने वाले लोग हमेशा एकजुट रहें.

शंकराचार्य पर लगे आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते. उन्होंने कहा कि यदि वह इस पर बोलेंगे तो विवाद बढ़ सकता है. उन्होंने इतना जरूर कहा कि वह धर्म के साथ खड़े हैं और गौ माता की रक्षा होनी चाहिए तथा गोहत्या नहीं होनी चाहिए.

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संतों पर लगने वाले आरोपों को लेकर मीडिया पर भी उठाए सवाल

वहीं संत उत्तमस्वामी महाराज पर लगे आरोपों के सवाल पर उन्होंने मीडिया से भी सवाल किया. उन्होंने कहा कि मीडिया अक्सर साधु संतों के पीछे पड़ जाती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी पर भी कई मामले दर्ज बताए जाते हैं, लेकिन उनकी जांच को लेकर उतनी चर्चा नहीं होती.

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि साधु संतों पर लगातार आरोप लगाकर सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना था कि देश आजाद होने के बाद से ही कई बार इस तरह के प्रयास किए जाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी एक समुदाय या वर्ग को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
 

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