scorecardresearch
 

दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित, कांग्रेस विधायक की गई विधायकी, नरोत्तम मिश्रा को दी थी मात

मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की एक अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई थी. सजा का ऐलान होने के बाद विधानसभा सचिवालय ने अयोग्यता का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

Advertisement
X
दिल्ली की कोर्ट ने सुनाई है सजा (Photo: facebook.com/Rajendrabhartiinc/)
दिल्ली की कोर्ट ने सुनाई है सजा (Photo: facebook.com/Rajendrabhartiinc/)

मध्य प्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के एक विधायक को धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाए जाने, तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता के अयोग्य घोषित कर दिया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा के सचिवालय ने इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. अयोग्य ठहराए गए विधायक कांग्रेस के राजेंद्र भारती हैं.

राजेंद्र भारती को एफडी धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया था. एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी. मध्य प्रदेश विधानसभा के सचिवालय से कांग्रेस के दतिया विधायक को अयोग्य ठहराए जाने से संबंधित अधिसूचना 2 अप्रैल की रात जारी कर दी गई थी. हालांकि, इसे सर्कुलेट 3 अप्रैल की सुबह किया गया.

यह भी पढ़ें: देर रात विधानसभा सचिवालय पहुंचे जीतू पटवारी, कांग्रेस MLA की सदस्यता खत्म करने का लगाया आरोप

गौरतलब है कि राजेंद्र भारती साल 2023 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दतिया विधानसभा सीट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार रहे सूबे की तत्कालीन सरकार के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था. राजेंद्र भारती को हाल ही में दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 30,764 क्षमता के मुकाबले 42,119 कैदी जेलों में बंद, मध्य प्रदेश की जेलों का बुरा हाल

एमपी-एमएलए कोर्ट से राजेंद्र भारती को सजा सुनाए जाने के बाद आनन-फानन में रात के समय विधानसभा सचिवालय खुला और अयोग्यता का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया. रात में विधानसभा सचिवालय खुलने की जानकारी पाकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौके पर पहुंच गए थे.

क्यों हुई है सजा

राजेंद्र भारती पर बैंक के एक पूर्व कैशियर रघुवीर शरण प्रजापति के साथ मिलीभगत कर बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर साल 1998 से 2011 के बीच अवैध ब्याज भुगतान हासिल करने का आरोप था. इस मामले में कोर्ट ने उनको दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. राजेंद्र भारती ने सजा और दोष सिद्धि को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement