आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men's T20 World Cup 2026) में भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत के बाद बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर बागेश्वर महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जैसे ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने दुश्मनों को जवाब दिया था, वैसे ही अब क्रिकेट के मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. बागेश्वर महाराज ने कहा, 'आखिर बाप तो बाप होता है.'
भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया
कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार को खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर-8 में जगह बना ली. इस हाई-वोल्टेज मैच में ईशान किशन की विस्फोटक बल्लेबाजी और जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी जीत की सबसे बड़ी वजह रही.
भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए
पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 175 रन बनाए. मुश्किल पिच पर ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने तिलक वर्मा (11) के साथ दूसरे विकेट के लिए 87 रन जोड़े. ईशान ने 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और पाकिस्तानी स्पिनरों की जमकर धुनाई की. हालांकि 15वें ओवर में सैम अयूब ने उन्हें बोल्ड कर भारत को बड़ा झटका दिया.
बाद के ओवरों में तिलक (25), हार्दिक पांड्या (0) जल्दी आउट हो गए, जिससे स्कोर 126/2 से 126/4 हो गया. कप्तान सूर्यकुमार यादव (32) और शिवम दुबे (27) ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को 150 के पार पहुंचाया. अंतिम ओवर में शाहीन अफरीदी के खिलाफ दुबे और रिंकू सिंह ने 15 रन बटोरकर भारत को 175 तक पहुंचाया.
पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में आई
176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई. हार्दिक पांड्या ने पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान को आउट किया. इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने सैम अयूब और सलमान अली आगा को पवेलियन भेज दिया. बाबर आजम भी अक्षर पटेल की गेंद पर आउट हो गए. पावरप्ले में पाकिस्तान 38/4 पर सिमट गया, जबकि भारत ने 52/1 बनाए थे.
बीच के ओवरों में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, तिलक वर्मा और वरुण चक्रवर्ती ने कसकर गेंदबाजी की. पाकिस्तान की पूरी टीम 18 ओवर में 114 रन पर ढेर हो गई. बुमराह (2/17) और हार्दिक (2/16) सबसे सफल गेंदबाज रहे.
टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर यह 9 मैचों में 8वीं जीत है. इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बरकरार रखा.