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कहानी

चर्चित कथाकार गुलशेर खान शानीः एक मुद्रा

शानी की जयंती पर पढ़ें उनकी चर्चित कहानीः मछलियां

16 मई 2022

हमारे समय के महत्त्वपूर्ण कथाकार गुलशेर खान शानी की आज जयंती है. शानी की जयंती पर साहित्य आजतक पर पढ़ें यह विशेष प्रस्तुति.

युद्ध और त्रासदीः इस पीड़ा का अंत नहीं

रूस-यूक्रेन युद्ध और नासिरा शर्मा का 'अजनबी जज़ीरा'

05 मार्च 2022

एकाएक दरवाज़े पर दस्तक हुई तो वह सिहर उठी. उसकी आंखों में खौफ़ उभरा. उसने पहले शौहर की बन्द आंखों, फिर उन दस खुली आंखों की तरफ़ देखा जो गुलाबी डोरों के बीच भयभीत हिरनियों की सवालिया नज़रें थीं.

प्रतीकात्मक चित्र और गुलशेर खान शानी [इनसेट में, चित्र सौजन्य- शानी फाउंडेशन]

गुलशेर खान शानी की पुण्यतिथि पर कहानी- एक नाव के यात्री

10 फरवरी 2022

भीड़ रोज जैसी थी, गए साल जैसी या शायद गुजरे हुए उन सातों बरस जैसी. कोई भी मौसम हो, चाहे जैसा दिन या घड़ी, यात्राओं का क्रम कभी नहीं टूटता. जब भी स्टेशन आओ, भीड़ का एक ही रूप दिखाई देती है

मनोज बाजपेयी

मनोज बाजपेयी के पिता भी बनना चाहते थे एक्टर, नई किताब में खुलेंगे कई रोचक राज

11 जनवरी 2022

मनोज बाजपेयी से पहले उनके किसान पिता भी अपने जमाने में एक्टर बनना चाहते थे और उन्होंने भी पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिले के लिए आवेदन दिया था. ऐसी कई दिलचस्प जानकारियों को समेटे मनोज बाजपेयी की जीवनी बाजार में आ रही है. पेंगविन इंडिया द्वारा प्रकाशित ‘मनोज बाजपेयी, कुछ पाने की जिद’ को लिखा है वरिष्ठ पत्रकार पीयूष पांडे ने.

रामचंद्र गुहा, राहुल द्रविड़

जब राहुल द्रविड़ ने रामचंद्र गुहा से कहा कि वो इतिहास पर ध्यान दें, क्रिकेट वो खुद संभाल लेंगे

11 जनवरी 2022

एक अजीब इत्तेफाक के चलते, द्रविड़ से मेरी सभी मुलाकात हवाई अड्डों पर ही हुई हैं. एक बार, जब वो कर्नाटक और इंडिया, दोनों के कप्तान थे, मैंने एक एयरलाइन स्ट्यूवर्डेस के सामने (बेहद सौम्यता के साथ) उलाहना दिया कि फ्रेंड्स युनियन क्रिकेट क्लब के एक बेहतरीन ऑल-राउंडर पर सेलेक्टर्स ध्यान ही नहीं दे रहे थे.

वेस्ट-इंडीज के फास्ट बॉलर Keith Boyce

जब रामचंद्र गुहा ने स्टेडियम में वेस्ट-इंडीज के फास्ट बॉलर को बीड़ी पीते देखा

10 जनवरी 2022

वेस्ट इंडीज ने ग्रीनिज, कालीचरण और लॉयड की बैटिंग की बदौलत पहला टेस्ट मैच जीत लिया. इसके साथ ही उन्हें ऐंडी रॉबर्ट्स की गेंदबाजी का भी बेहतरीन साथ मिला. रॉबर्ट्स के एंटीगुआ के साथी विवियन रिचर्ड बल्ले से सफल नहीं रहे. वो पहली इनिंग्स में 4 और दूसरी में 3 पर आउट हुए. दोनों ही मौकों पर भगवत चन्द्रशेखर ने उन्हें वापस भेजा.