सियाराम लखन खेलैं होरी, सरजू तट राम खेलैं होरी, राम जी मारैं भरी पिचकारी, भरी पिचकारी- हो री पिचकारी लाज भरी सीता गोरी...अबीर गुलाल उड़ावन लागैं, उड़ावन लागै- हो उड़ावन लागैं, सब लायें भरी-भरी झोरी, सरजू तट राम खेलैं होरी...मालिनी अवस्थी की आवाज में होली गीत, साहित्य आजतक के पाठकों के लिए खास....
Siyaram Lakhan khele Holi Sarayu tat Ram khele Holi, Awadh Holi Lok Sangit by Malini Awasthi