होली खेलें रघुवीरा अवध में, होली खेलें रघुवीरा केकरे हाथे कनक पिचकारी, कनक पिचकारी- कनक पिचकारी, केकरे हाथे अबीरा अवध में होरी खेलें रघुवीरा...तान तो थी होली की पर ताना था सियासत पर. लोक संगीत की प्रख्यात गायिका मालिनी अवस्थी का अनोखा रूप साहित्य आजतक पर
Holi khele Raghuveera Awadha me Holi khele Raghuveera Songs by Malini Awasthi at Sahitya Aajtak