प्रोफेसर पेर्नो की टीम ने पूरे क्षेत्र के 12 प्रांतों में से 371 मरीजों के ब्लड सैंपल लिए. इसके लिए उन्होंने अस्पताल में भर्ती कोरोना वायरस के मामूली, मध्यम और गंभीर लक्षण वाले मरीजों का चयन किया. स्टडी के अनुसार ये वायरस स्ट्रेन दो अलग-अलग वंशानुक्रम के थे जिन्होंने कुछ क्षेत्रो में ज्यादा प्रभाव डाला. लेकिन इनमें वो वायरल स्ट्रेन नहीं पाया गया जिसे चीन ने शुरूआत में ही पृथक कर रख लिया था.