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इन सब्जियों को सिर्फ पकाकर ही खाएं, कच्चा खाने की ना करें गलती

एक स्टडी के मुताबिक, कुछ सब्जियों को पकाने से एंटीऑक्सीडेंट का अवशोषण बढ़ जाता है. उदाहरण के लिए, पके हुए टमाटरों में लाइकोपीन का लेवल ज्यादा होता है, और गाजर, पालक, ब्रोकली और शतावरी जैसी सब्जियां पकाने पर ज्यादा कैरोटीनॉयड प्रदान करती हैं, जो हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं.

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गर्मी की सब्जियां
गर्मी की सब्जियां

जब हेल्दी खाने की आदतों की बात आती है, तो लोग अक्सर ज्यादा पोषक तत्व पाने करने के लिए कच्ची चीजें खाने का सुझाव देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसी चीजें हैं जो पकाए जाने पर ज्यादा पौष्टिक होती हैं? एक स्टडी के मुताबिक, कुछ सब्जियों को पकाने से एंटीऑक्सीडेंट का अवशोषण बढ़ जाता है. उदाहरण के लिए, पके हुए टमाटरों में लाइकोपीन का लेवल ज्यादा होता है, और गाजर, पालक, ब्रोकली और शतावरी जैसी सब्जियां पकाने पर ज्यादा कैरोटीनॉयड प्रदान करती हैं, जो हेल्थ के लिए फायदेमंद होते हैं. आइए जानते हैं ऐसी सब्जियों के बारे में जिन्हें पकाकर खाना आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.

शतावरी- शतावरी को पकाने से इसकी कोशिका की दीवार टूट जाती हैं, जिससे विटामिन ए, बी9, सी और ई अवशोषित होने के लिए ज्यादा उपलब्ध हो जाते हैं. साथ ही, शतावरी पकाने से रेशे नरम हो जाते हैं, जिससे इन्हें चबाना और पचाना आसान हो जाता है. साथ ही, कच्चे शतावरी में ऑक्सालेट और सैपोनिन जैसे एंटी-पोषक तत्व होते हैं, जो पकने पर मिनरल्स के बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं.

मशरूम- मशरूम में एंटीऑक्सीडेंट एर्गोथियोनीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो खाना पकाने के दौरान निकलता है. ये एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स को तोड़ने में मदद करते हैं, ये केमिकल हमारी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे बीमारी और बुढ़ापा आ सकता है.

पालक- ये पत्तेदार सब्जी आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं. ये पोषक तत्व पालक को पकाने पर ज्यादा आसानी से अवशोषित होते हैं. ऐसा कहा जाता है कि पालक में ऑक्सालिक एसिड होता है जो आयरन और कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है. पालक को गर्म करने से कैल्शियम निकलता है, जिससे यह शरीर के लिए अवशोषित करने के लिए ज्यादा उपलब्ध हो जाता है. 

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टमाटर- ऐसा कहा जाता है कि टमाटर को पकाने से उनमें एंटीऑक्सीडेंट लाइकोपीन का लेवल बढ़ता है. लाइकोपीन हार्ट डिजीज और कैंसर समेत कई क्रॉनिक डिजीज के कम खतरे से जुड़ा हुआ है. 

गाजर- कच्ची गाजर में बीटा-कैरोटीन होता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदल देता है. गाजर को पकाने से पौधे की कोशिका भित्ति टूट जाती है, जिससे अवशोषण के लिए 3 गुना ज्यादा बीटा-कैरोटीन उपलब्ध हो जाता है. गर्मी गाजर में मौजूद फाइबर को नरम कर देती है, जिससे वे पाचन तंत्र के लिए कोमल हो जाती हैं. साथ ही, पकाने से गाजर की एंटीऑक्सीडेंट शक्ति बढ़ जाती है, जिससे आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद मिलती है.

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