
What is benne dosa: डोसा खाने अधिकतर लोगों को पसंद होता है. हो सकता है किसी को मसाला डोसा पसंद आता हो तो किसी को प्लेन डोसा, किसी को रवा डोसा पसंद हो तो किसी को प्याज डोसा. लेकिन क्या आप जानते हैं डोसा की एक खास वैरायटी है जो मुंबई के बाद अब दिल्ली में भी काफी फेमस हो रही है. इस डोसे को 'बेन्ने डोसा' कहा जाता है और दिल्ली-एनसीआर के रेस्टोरेट्स पर लोग बेन्ने डोसा को खाने के लिए लंबी लाइनें लगाकर खड़े हैं. अब ऐसे में हर किसी को जानना चाहिए कि आखिर बेन्ने डोसा क्या होता है, सामान्य डोसा से ये कितना अलग है और इसे कैसे बनाया जाता है. तो आइए इस बारे में जानते हैं...
'बेन्ने' का कन्नड़ में अर्थ होता है मक्खन. यानी कि ऐसा डोसा जिसमें भरभरकर मक्खन डाला जाता है, उसे बेन्ने डोसा कहा जाता है. कर्नाटक का मशहूर 'बेन्ने डोसा' बेंगलुरु और दावणगेरे की गलियों से निकला था और अब यह पूरे देश में अपनी पहचान बना चुका है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बाहर से एकदम कुरकुरा (क्रिस्पी) होता है, जबकि अंदर से रूई जैसा सॉफ्ट.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेन्ने डोसा का असली जन्म कर्नाटक के दावणगेरे शहर में हुआ था. कहा जाता है कि करीब 100 साल पहले एक महिला ने अपनी खास रेसिपी से इसे बनाना शुरू किया था. धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि यह पूरे कर्नाटक का सिग्नेचर डिश बन गया.
आम डोसे की तुलना में यह आकार में थोड़ा छोटा और मोटाई में थोड़ा अधिक होता है. इसे बनाने के लिए चावल, उड़द दाल और मुरमुरे (पफ्ड राइस) का इस्तेमाल किया जाता है जो इसे वह अनोखा टेक्सचर देते हैं.

बेन्ने डोसा की बनावट और इसे पकाने का तरीका इसे खास बनाती है. इस डोसा को बनाने के लिए काफी अधिक मात्रा में मक्खन डाला जाता है जो डोसे की सतह को कुरकुरा और सुनहरा बनाता है और उसे अंदर से सॉफ्ट बनाए रखता है.
इस डोसा में भी अंदर आलू की फिलिंग की जाती है और इसे नारियल की चटनी के साथ परोसा जाता है. ऑथेंटिक रेस्टोरेंस्ट में बेन्ने डोसा के साथ सांभर नहीं दिया जाता.
अगर आप भी घर पर रेस्टोरेंट जैसा बेन्ने डोसा बनाना चाहते हैं तो इसके बैटर की तैयारी सबसे अहम है. यदि घोल सही से बन गया तो आप आसानी से घर पर परफेक्ट बेन्ने डोसा बना सकते हैं.
आपका गर्मा-गर्म और क्रिस्पी बेन्ने डोसा तैयार है. इसे नारियल चटनी और उबले हुए आलू के मसाले के साथ सर्व करें.