scorecardresearch
 

Weight Loss: पहलवानों की फैमिली में खा-खाकर 104 किलो का हो गया था ये शख्स, इस वेजेटेरियन डाइट से घटाया 30 Kg वजन

एक शख्स ने वजन कम करने के लिए रोजाना रनिंग करना शुरू की, जिससे उनके घुटने खराब होने लगे थे. जब डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने 1-2 महीने अधिक न चलने की सलाह दी. फिर इस शख्स ने वेट ट्रेनिंग से और वेजिटेरियन डाइट और वर्कआउट से वजन कम कर लिया.

पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पहले 104 किलो हो गया था वजन
  • रनिंग करके हो गए थे घुटने खराब
  • 98 किलो से 68 किया वजन

बढ़ा हुआ वजन (Increased weight) आज के समय में काफी बड़ी समस्या बनी हुई है. इसके लोग तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. जैसे, डाइट (Diet), एक्सरसाइज (Exercise), न्यूट्रिशन (Nutrition), सप्लीमेंट (Supplements), योग (Yoga) आदि. कुछ समय पहले एक 40 साल के शख्स ने अपना 30 किलो वजन घटाया है. पहलवानों की फैमिली से होने के कारण उनका वजन काफी अधिक हो गया था. इसके बाद उन्होंने अपने आप में कुछ अंतर देखे और अपने आपको फिट किया.

उनकी जर्नी सच में काफी इंस्पायर है, जिससे आप भी मोटिवेट हो सकते हैं,तो आइए जानते हैं कि कौन हैं ये शख्स और इन्होंने कैसे अपना वजन कम किया.

घुटने हो गए थे डैमेज

पंकज मिश्रा

वजन कम करने वाले शख्स का नाम पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) है जो कि 40 साल के हैं. वे उड़ीसा के संभलपुर के रहने वाले हैं. पंकज का बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था. उनके नानाजी पहलवान थे और उनका कहना था कि खूब खाओ और खूब एक्सरसाइज करो. बस उनकी इस बात को फॉलो करने पर मेरा वजन लगभग 104 किलो हो गया था.

इसके बाद उन्होंने एक दिन अपने गले पर कुछ फोल्ड्स (सिकुड़ी हुई खाल) देखे, जिसके बाद उन्होंने अपना वजन कम करने की ठानी. इसके लिए उन्होंने 10-15 किलोमीटर रनिंग शुरू कर दी. इससे उनका वजन तो कम हुआ लेकिन उनके घुटने में दर्द होने लगा. इसके बाद डॉक्टर को जब दिखाया तो उन्होंने कहा कि 1-2 महीने ज्यादा चलना-फिरना भी नहीं है, क्योंकि उनके घुटने काफी चोटिल हो गए थे.

डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने चलना-फिरना कम किया और फिर 2-3 महीने बाद हल्के वेट से वेट ट्रेनिंग शुरू की. इसके बाद उनके कोच मनोरंजन मिश्रा (Coach Manoranjan Mishra) ने उन्हें डाइट और वर्कआउट प्लान दिया, जिस कारण उन्होंने अपने आपको ट्रांसफॉर्म किया.

उस समय उनका वेट 98 किलो था और वे 68 किलो तक आ गए. इस बार उनकी बॉडी में मसल मास अधिक था. इसके बाद उन्होंने TC 12 चैलेंज में 5 लाख रुपये और मसल्स मेनिया कॉम्पिटिशन में 2 बार प्राइज जीते.

वेजिटेरियन डाइट से किया ट्रांसफॉर्मेशन

पंकज मिश्रा ने 30 किलो वजन घटाया है.

पंकज ने बताया कि ये बात पूरी तरह से गलत है कि वेजिटेरियन डाइट (Vegetarian diet) से इंसान अपने आपको ट्रांसफॉर्म नहीं कर सकता. मैंने वेजिटेरियन डाइट से ही अपना वजन कम किया है और मसल्स बनाए हैं. 

पंकज आगे बताते हैं कि समय-समय पर मेरी डाइट बदलती रहती थी, लेकिन मैंने सबसे अधिक जिस डाइट को फॉलो किया उसमें मैं अपनी बॉडी के मुताबिक लगभग 2500 कैलोरी का सेवन करता था, जिसमें लगभग 150 ग्राम प्रोटीन, 316 ग्राम कार्ब और 74 ग्राम फैट था. इन मैक्रो को 4-5 मील में डिवाइड किया था. जैसे

ब्रेकफास्ट (स्मूदी)

  • 1 स्कूप व्हे प्रोटीन 
  • 2 मीडियम साइज केला
  • 50 ग्राम ओट्स
  • 250 मिली गाय का दूध 

लंच (Lunch)

  • 1 कप खीरा, टमाटर, पत्तागोभी की सलाद  
  • 5 मिली घी / बटर / ऑलिव ऑयल 
  • 200 ग्राम आलू
  • 150 ग्राम दही
  • 50 ग्राम चावल
  • 150 ग्राम पनीर

स्नैक्स (Snacks)

  • 50 ग्राम सिके हुए चने
  • 25 ग्राम बादाम / काजू / पिस्ता / अखरोट / मूंगफली

डिनर (Dinner)

  • 5 मिली घी / बटर / ऑलिव ऑयल 
  • 100 ग्राम सोया चंक या राजमा या सफेद चने
  • 100 ग्राम आटे की रोटी
  • 200 ग्राम हरी सब्जी

पंकज मिश्रा का वर्कआउट (Pankaj mishra workout)


पंकज बताते हैं कि वे रोजाना सुबह 4 बजे उठ जाते हैं और उसके बाद नहाकर जिम की पूजा करते थे. 5 से 8 बजे तक एक्सरसाइज करते हैं. वर्कआउट भी वे अपने ट्रेनर के बताए मुताबिक ही करते थे. वे हफ्ते में 6 दिन बॉडी के कौन से मसल्स को ट्रेन करते थे. वे अपनी बॉडी के अलग-अलग मसल्स को इस तरह से ट्रेन करते थे.

  • पहला दिन : लेग्स, ट्राइसेप्स, कॉफ
  • दूसरा दिन : चेस्ट, शोल्डर, बाइसेप्स
  • तीसरा दिन : बैक, ट्रासेप्स, कॉफ
  • चौथा दिन :लेग, शोल्डर, बाइसेप्स
  • पांचवा दिन : चेस्ट, बैक, कॉफ
  • छठवां दिन : शोल्डर, ट्राइसेप्स, बाइसेप्स
  • सातवां दिन : इस दिन रेस्ट करते थे

मोटिवेशन और यंगस्टर्स को टिप्स

फिट होने का मोटिवेशन मुझे अपने आप से मिला क्योंकि मुझे लगने लगा था कि मैं अनफिट हो गया हूं. मेरे ट्रांसफॉर्मेशन में मेरी पत्नी और परिवार की काफी अहम भूमिका रही. क्योंकि मेरा लंच क्वांटिटी के मुताबिक मेरी वाइफ ही तैयार करती थी. इसके अलावा मुझे अपने कोच मनोरंजन मिश्रा का भी गाइडेंस मिला. 

जो लोग अपने आपको ट्रांसफॉर्म करना चाहते हैं, उनके लिए यही कहना चाहूंगा कि ट्रांसफॉर्मेशन करने के लिए पैशेंस होना काफी जरूरी है, कोई भी बॉडी ट्रांसफॉर्म होने में समय लेती है, इसलिए कोई शॉर्टकट न अपनाएं. हमेशा किसी कोच के अंडर में रहकर ही वर्कआउट करें.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×