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इन सब्जियों को कच्चा खाने की ना करें गलती, नहीं मिलेगा फायदा

हेल्दी लाइफ जीने की बात आते ही अक्सर आपने लोगों को कच्ची सब्जियों का सेवन करते हुए देखा होगा. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की कुछ सब्जियों को कच्चा खाने की बजाय अगर आप पकाकर खाते हैं तो आपको सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं. तो आइए जानते हैं इन सब्जियों के बारे में.

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photo credit: Getty Images photo credit: Getty Images
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इन सब्जियों को कच्चा खाने नहीं मिलते कोई न्यूट्रिशन
  • कच्ची खाने की बजाय पकाकर खाएं इन सब्जियों को

हेल्दी लाइफस्टाइल और वजन कम करने के लिए आज के समय में कच्ची चीजें खाना ट्रेंड बन चुका है. लोगों का मानना है कि चीजों को पकाकर खाने से उनके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. आपको बता दें कि ऐसा कुछ चीजों के साथ होता है जिन्हें पकाकर खाने से उनके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्हें पकाकर खाने से आपको उसमें मौजूद पोषक तत्व मिल सकते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको कच्चा नहीं बल्कि पकाकर खाना चाहिए. 

मशरूम- मशरूम में भारी मात्रा में एर्गोथायोनीन नाम का एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है जो इसे पकाने के बाद रिलीज होता है. एंटीऑक्सीडेंट्स कोशिकाओं को डैमेज करने वाले फ्री रेडिकल्स और केमिकल्स को तोड़ने में मदद करते हैं. एंटीऑक्सीडेंट्स बीमारियों और बढ़ती उम्र की समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं. 

पालक- पालक पोषक तत्वों का भंडार होता है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और जिंक पाया जाता है. हालांकि, हमारा शरीर इन सभी पोषक तत्वों को तब अवशोषित करता है जब पालक को पकाकर खाया जाए. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पालक में ऑक्सैलिक एसिड पाया जाता है जो आयरन और कैल्शियम के अब्सॉर्प्शन को ब्लॉक कर देता है. ऐसे में पालक को पकाने से कैल्शियम और आयरन रिलीज हो जाता है. जिसे हमारा शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है. 

रिसर्चर्स का कहना है कि पालक को अगर स्टीम किया जाए तो इसमें मौजूद फोलेट का लेवल मेनटेन रहता है जो कई तरह के कैंसर के रिस्क को कम कर सकता है. 

टमाटर- टमाटर में लाइकोपीन नाम का एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो क्रॉनिक डिजीज और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है. ऐसे में टमाटर को पकाकर खाने से यह लाइकोपीन रिलीज होता है. भले ही टमाटर को पकाकर खाने से इसमें मौजूद विटामिन सी 29 फीसदी तक कम हो जाता है लेकिन इसे 30 मिनट पकाने से इसमें लाइकोपीन 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ जाता है. 

गाजर- पकी हुई गाजर में कच्ची गाजर की तुलना में अधिक मात्रा में बीटा-कैरोटीन होता है, जो एक कैरोटीनॉयड नामक पदार्थ है जिसे शरीर विटामिन ए में बदल देता है. यह विटामिन हड्डियों के विकास, विजन और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करता है. गाजर को बिना छीले पकाकर खाने से इसकी एंटीऑक्सीडेंट पावर दोगुनी हो जाती है. 

बेल पेपर्स- बेल पेपर्स में बहुत सारे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, खासतौर पर कैरोटीनॉयड, बीटा-कैरोटीन, बीटा-क्रिप्टोक्सैन्थिन और ल्यूटिन. इसे गर्म करने से इसकी सेल्स वॉल्ट टूट जाती हैं जिससे हमारा शरीर कैरोटीनॉयड को आसानी से अवशोषित कर लेता है. टमाटर की ही तरह बेल पेपर्स को उबालने से इसमें मौजूद विटामिन सी की मात्रा कम हो जाती है. 

ग्रीन बीन्स- हरी बीन्स में भी एंटीऑक्सीडेंट्स की भारी मात्रा पाई जाती है. लेकिन ये एंटीऑक्सीडेंट्स तभी मिलते हैं जब आप इसे बेक, या ग्रिल करके खाते हैं. उबालने और प्रेशर कुक करने से इसके एंटीऑक्सीडेंट्स खत्म हो जाते हैं. 

केल-  हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए आपने अक्सर लोगों को सलाद में केल खाते हुए देखा होगा. केल काफी हेल्दी माना जाता है. लेकिन अगर आप केल को स्टीम करके खाते हैं तो इससे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं. 

 

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