
Smells that snakes love: अक्सर हर इंसान अपने घर को साफ-सुथरा रखने की कोशिश करते हैं ताकि कीड़े-मकौड़े और जीव-जंतु घर से दूर रहें. लेकिन फिर भी कुछ ऐसी चीजें हमारे आसपास रह जाती हैं जिनकी गंध सांप और कुछ अन्य जीवों को आकर्षित करती हैं. जानकार बताते हैं कि सांपों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है और वे अपने शिकार या सुरक्षित ठिकाने की तलाश में मीलों दूर से गंध पहचान लेते हैं और वहां पहुंच जाते हैं. यदि आपके घर के पास भी सांप अक्सर दिखते हैं तो हो सकता है आपके घर में मौजूद कुछ गंध उन्हें अट्रैक्ट कर रही हों.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सांप सीधे तौर पर खुशबू के पीछे नहीं भागते, बल्कि वे उस इकोसिस्टम की ओर खिंचे चले आते हैं जहां उन्हें खाना आसानी से मिल सके. आप भी उन चीजों को घर से निकालकर सांप को घर में आने से बचा सकते हैं.
नेचर राइज के अनुसार, सांपों के घर में आने का सबसे बड़ा कारण उनके शिकार की मौजूदगी है. यदि आपके घर या स्टोर रूम या किचन में चूहे दिखते हैं तो उनकी गंध सांपों को तुरंत एक्टिव कर देता है.
चूहों की यूरिन और उनके फेरोमोन्स की महक सांपों के लिए एक सिग्नल की तरह काम करती है क्योंकि सांप अपने जैकोबसन ऑर्गन का इस्तेमाल करके हवा में मौजूद नमी और गंध के कणों से शिकार का पता लगा लेते हैं और वहां तक पहुंच जाते हैं.

A-Z एनिमल्स के मुताबिक, कई बार हम अपने पालतू कुत्तों या बिल्लियों का खाना बाहर खुला छोड़ देते हैं. हालांकि सांप सीधे तौर पर डॉग फूड नहीं खाते लेकिन इसकी गंध चूहों को बुलाती है और चूहे सांपों को. इसके अलावा अगर गार्डन में चिड़ियों के घोंसले हैं तो अंडों की महक भी सांपों को लुभाती है.
पेस्ट पॉइंटर्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी के मौसम में सांप ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहां उन्हें ठंडक और नमी मिल जाए. यदि आपके घर के किसी कोने से गीली मिट्टी या नमी की महक आ रही है तो सांप वहां अपना ठिकना बना सकते हैं. सांपों को ऐसी गंध पसंद आती है जो एक सुरक्षित और ठंडे वातावरण का संकेत देती है.
बेस्ट लाइफ ऑनलाइन के मुताबिक, सांपों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने घर और गार्डन की नियमित सफाई करें. कूड़े के ढेर को हटा दें और चूहों पर कंट्रोल पाने के लिए उपाय करें. पालतू जानवरों के खाने को एयरटाइट कंटेनर में रखें. याद रखें सावधानी ही बचाव है. अगर आप इन छोटी बातों का ध्यान रखते हैं तो सांपों के घर में आने का खतरा काफी कम हो जाता है.