Risk of simple cold remedies: ठंड के मौसम में खांसी-जुकाम के मामले सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं. सर्दियों में खांसी होने पर लोग बिना डॉक्टर की सलाह के सीधे मेडिकल स्टोर जाकर आम दवा लेकर खा लेते है. आजकल सर्दी-खांसी की दवाइयां रंगीन पैक में आसानी से मिल जाती हैं और यह दवाइयां तुरंत आराम देने का भी वादा करती हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हैं कि ओवर-द-काउंटर दवा होने का मतलब यह पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
खांसी-जुकाम में अक्सर जिन ओवर-द-काउंटर दवाओं को खाते हैं, यह हमारी सेहत पर बुरा असर भी डालती है. डिकंजेस्टेंट, एंटीहिस्टामिन, डेक्सट्रोमेथॉर्फन, पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी दवाओं का इस्तेमाल लोग उनसे होने वाले नुकसान के जाने बिना भारत में धड़ल्ले से करते हैं.
हार्वर्ड से जुड़े बेथ इस्राएल डीकनेस मेडिकल सेंटर के फार्मासिस्ट जिगर मेहता कहते हैं, 'बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलने वाली दवाओं का मतलब हानिरहित नहीं होता है. इन दवाओं का शरीर पर गहरा असर पड़ता है और ये दूसरी दवाओं से टकरा सकती हैं.'
डिकंजेस्टेंट का इस्तेमाल नाक की सूजन कम करती हैं ताकि सर्दी के दौरान मरीज आसानी से सांस ले पाए. नाक में डालने वाला स्प्रे का आप अगर लगातार कुछ दिन इस्तेमाल करते हैं तो इससे सूजन और ज्यादा बढ़ सकती है.
ये दवा छींक, नाक बहना और आंखों से पानी आने में मदद करती हैं,
लेकिन ये दिमाग को सुस्त कर सकती है. बुजुर्गों में इसका असर ज्यादा होता है, खासकर अगर वे पहले से कोई दवा ले रहे हों.
खांसी दबाने वाली दवाएं जैसे डेक्सट्रोमेथॉर्फन का ज्यादा इस्तेमाल करना हमारे ब्रेन हेल्थ के लिए सही नहीं है. क्योंकि इनके सेवन से दिमाग पर असर पड़ सकता है. अगर आप गलत तरीके से इस दवा का इस्तेमाल करते हैं तो सेहत पर फर्क दिखता है.
जैसे पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन जैसी दर्द और बुखार की दवाओं के भी अधिक मात्रा में सेवन से हमारी सेहत पर गलत असर पड़ सकता है.
डेक्विल, न्यूक्विल जैसी दवाओं में कई दवाएं एक साथ होती हैं और इस तरह की कॉम्बिनेशन दवाएं हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
इससे दो खतरे होते हैं
आपको सभी दवाओं की जरूरत नहीं होती
दर्द की दवा ज्यादा हो सकती है
सफदरजंग हॉस्पिटल में पल्मोनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट के हेड डॉ. रोहित कुमार के अनुसार, 'आज लोग इंटरनेट, सोशल मीडिया और OTC कॉम्बिनेशंस को देखकर खुद को ही डॉक्टर समझ लेते हैं. आजकल हल्का जुकाम, खांसी या गले में खराश के लिए मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा लेते हैं. कुछ लोग दूसरों को सलाह भी देने लगते हैं कि मुझे इस दवाई से फायदा हुआ था, तुम भी खा लो. यही सोच आगे चलकर खतरनाक जोखिम पैदा कर सकती है.