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Low Salt Diet Impact: क्या होगा अगर आप रोजाना बहुत कम नमक खाएंगे? होंगे ये बड़े नुकसान

Low-Salt Diet Impact: आपने नमक ज्यादा खाने के नुकसान तो जरूर सुने होंगे. लेकिन आज हम आपको इस खबर में लंबे समय तक नमक कम खाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, लगातार लंबे समय तक नमक कम खाने से शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है जिसका असर शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ता है.

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लो-सॉल्ट डाइट सेहत के लिए कितना सही? डॉक्टर से जानें (Photo- Pixabay)
लो-सॉल्ट डाइट सेहत के लिए कितना सही? डॉक्टर से जानें (Photo- Pixabay)

बहुत से लोग हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी के डर से नमक खाना लगभग छोड़ ही देते हैं. हालांकि, खाने में नमक कम करना फायदेमंद हो सकता है लेकिन लंबे समय तक बहुत कम नमक लेना शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. नमक में मौजूद सोडियम सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि शरीर के कई जरूरी कामों में अहम भूमिका निभाता है.

आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में लगातार कम नमक खाने से शरीर और दिमाग को होने वाले नुकसान के बारे में बताया है. उनके मुताबिक, सोडियम सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह शरीर में पानी का बैलेंस बनाए रखने, नसों को सही से काम करने और मसल्स की एक्टिविटी के लिए भी जरूरी है. अगर लंबे समय तक शरीर को जरूरत से कम सोडियम मिले तो शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ सकता है.

लंबे समय तक नमक कम खाने से शरीर पर क्या असर होता है?
सोडियम ब्लड वॉल्यूम बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और नसों व मसल्स के सही काम के लिए जरूरी होता है. लेकिन लंबे समय तक कम सोडियम लेने से ब्लड प्रेशर जरूरत से ज्यादा गिर सकता है और किडनी शरीर के पानी को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाती. समय के साथ इसका असर हार्मोन सिस्टम पर भी पड़ता है. लंबे समय तक सोडियम की कमी से खून में सोडियम का लेवल बहुत ज्यादा गिर जाता है. इसका असर दिमाग पर भी पड़ सकता है. इससे भ्रम, कमजोरी, जल्दी थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

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इतना ही नहीं सोडियम की कमी से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस भी बिगड़ सकता है, जिससे मसल्स में खिंचाव, ऐंठन या दर्द हो सकता है. इसके अलावा, किडनी को इस बदलाव के साथ एडजस्ट होने में समय लगता है. इस वजह से शरीर में पानी का बैलेंस बिगड़ता है, जिससे लगातार थकान और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है.

कम नमक वाली डाइट से किसे ज्यादा खतरा होता है?
जो लोग ज्यादा एक्सरसाइज करते हैं या एथलीट हैं, उन्हें पसीने के जरिए काफी सोडियम निकल जाता है. अगर ऐसे लोग बहुत कम नमक लेते हैं तो उनमें सोडियम की कमी जल्दी हो सकती है. इसके अलावा, जिन लोगों को एड्रिनल से जुड़ी समस्या है, किडनी की बीमारी है या जो डाइयूरेटिक दवाएं लेते हैं, उन्हें भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है. इन लोगों में ज्यादा नमक कम करने से डिहाइड्रेशन, कमजोरी, गिरने का खतरा और इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस बढ़ सकता है.

इतना ही नहीं, सोडियम की कमी से शरीर का इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस भी बिगड़ सकता है, जिससे मसल्स में खिंचाव, ऐंठन या दर्द हो सकता है. इसके अलावा किडनी को इस बदलाव के साथ एडजस्ट होने में समय लगता है. इस वजह से शरीर में पानी का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिससे लगातार थकान और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है.

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खाने में नमक का बैलेंस कैसे बनाएं
नमक को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं है, बल्कि इसे सीमित मात्रा में लेना बेहतर होता है. वो कहते हैं कि पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड से मिलने वाले नमक को कम करें, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है. वहीं, घर के बने खाने में मौजूद नेचुरल नमक शरीर के लिए सही रहता है.

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