बॉलीवुड के मशहूर डॉयरेक्टर करण जौहर किसी ना किसी वजह से लाइमलाइट में रहते हैं. करण कभी फिल्मों की वजह से तो कभी अपनी पर्सनल लाइफ के करण, लेकिन इस बार उनके चर्चा में आने की वजह उनका एक खुलासा है. हाल ही में उन्होंने लंबे समय से चल रही वजन घटाने की अफवाहों पर खुद खुलकर बात की. 'द मान्यवर शादी शो' में करण ने आदर जैन और आलेखा आडवाणी से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि उनका वजन कम करने का सफर कोई जादुई दवा या शॉर्टकट नहीं था. ये सब सही लाइफस्टाइल, स्मार्ट डाइट और डॉक्टर की सलाह की मदद से हुआ.
लेकिन इस बातचीत की सबसे मजेदार बात ये थी कि वेट लॉस के इस सफर में उनके सबसे बड़े दोस्त आलू और चावल बने. सुनकर थोड़ा अटपटा लगा, है ना? लेकिन सच यही है. अक्सर लोग वजन घटाने के लिए आलू और चावल छोड़ देते हैं, लेकिन करण के साथ उल्टा हुआ. कैसे? चलिए जानते हैं.
करण को मोटा बुलाती थीं उनकी मां
करण ने याद किया कि उनके पापा को लगता था कि उनका मोटापा बस puppy fat है और वो बढ़कर ठीक हो जाएगा, लेकिन उनकी मां सीधे कह देती थीं कि वो मोटे हैं. करण ने कहा, 'मेरे पापा मेरे बारे में भ्रम में थे. उन्हें लगता था कि ये बस पपी फैट है, ये चला जाएगा और मैं बहुत हैंडसम हूं. लेकिन मेरी मां हमेशा कहती थीं, ‘क्या कह रहे हो यश? ये तो बहुत मोटा है, बहुत बड़ा है.’ वो चाहते थे कि मैं हीरो बनूं, और मेरी मां आंखें घुमाते हुए कहती थीं कि नहीं, ये हीरो बनने लायक नहीं है.'
जब डाइटिंग के चक्कर में बेहोश हुए करण
करण ने बताया कि कॉलेज में जाकर उन्होंने फैसला किया कि उन्हें वजन कम करना ही होगा. उन्होंने कहा, 'जब मैं कॉलेज पहुंचा, तो मुझे लगा कि सब लोग मुझसे बहुत पतले हैं.' ऐसे में करण ने पतला होने के लिए कई डाइट्स आजमाई जैसे General Motors डाइट और Atkins डाइट (हाई प्रोटीन डाइट), जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा.
करण ने कहा, 'मैं Atkins डाइट कर रहा था. एक महीने तक की और बीमार पड़ गया. मुझे अभी भी याद है कि मैं अपनी अकाउंट्स की क्लास में था और बेहोश हो गया. वहीं डाइट खत्म हो गई. मेरी मां ने इसे बैन कर दिया. इससे पहले उन्हें पता भी नहीं था कि मैं इस तरह की डाइट कर रहा था. ये हाई प्रोटीन डाइट थी, जिसमें मैं सिर्फ प्रोटीन लेता था. मैं नौ अंडों का चीज़ ऑमलेट खा सकता था और सिर्फ प्रोटीन से भरपूर चीजें. प्रोटीन के अलावा कुछ नहीं, ना ब्रेड और ना ही कुछ और. मैं फ्राइड चिकन खा सकता था, लेकिन ये और भी मुश्किल था.'
करण जौहर ने असल में कैसे कम किया वजन?
करण ने वजन कम करने के लिए ओजेंपिक जैसी वेट लॉस ड्रग लेने से साफ इनकार किया. करण ने साफ कहा कि उन्होंने ओजेम्पिक या कोई दूसरी दवा नहीं ली. उन्होंने बताया, 'लोगों को लगता है कि मैंने ओजेम्पिक या कुछ लिया है, लेकिन ऐसा नहीं है. असल में, जब मैं Vivamayr (एक मेडिकल हेल्थ रिसॉर्ट) गया, तो मुझे कुछ फूड इंटॉलरेंस पता चले. जब मैं वापस गया और अपनी काइनेसियोलॉजी टेस्ट करवाई, तो मुझे पता चला कि मैं ग्लूटेन और लैक्टोज-इंटॉलरेंट हूं. मुझे असल में पता ही नहीं था… मैं अब तक वजन घटाने के लिए रोटी खा रहा था और चावल से दूरी बनाई हुई थी. लेकिन सच में, चावल और आलू मेरे दोस्त हैं.'
उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें थायरॉइड की समस्या थी और बाद में उन्हें दवा दी गई. करण ने कहा कि उन्होंने ये सब टेस्ट कराने के बाद उन्होंने अपनी डाइट से ग्लूटेन हटाया, बादाम का दूध पीना शुरू किया और चीनी छोड़ दी. इन बदलावों और दवा के साथ उनका वजन धीरे-धीरे घट गया.
ग्लूटेन और लैक्टोज इंटॉलरेंस क्या है?
कुछ लोगों को कुछ फूड्स खाने के बाद पेट में दिक्कत, गैस या डिस्कंफर्ट महसूस हो सकता है. इसके पीछे अक्सर दो तरह के फूड इंटॉलरेंस होते हैं.
1. ग्लूटेन इंटॉलरेंस: ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है. जो लोग ग्लूटेन-इंटॉलरेंट होते हैं, उन्हें रोटी, ब्रेड या पास्ता खाने से पेट में दर्द, सूजन, गैस या थकान हो सकती है.
2. लैक्टोज इंटॉलरेंस: लैक्टोज, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर, बटर, क्रीम में पाया जाता है. लैक्टोज-इंटॉलरेंट लोग इसे खाने के बाद पेट खराब, गैस या दस्त का सामना कर सकते हैं.
ग्लूटेन और लैक्टोज-इंटॉलरेंट लोग क्या खा सकते हैं?
ग्लूटेन इंटॉलरेंस वालों के लिए क्या खाना सुरक्षित?
लैक्टोज इंटॉलरेंस वालों के लिए क्या खाना सुरक्षित?
दोनों के लिए क्या खाना सुरक्षित?
आलू और चावल कैसे बने मददगार?
आलू और चावल जैसे सिंपल, ग्लूटेन-फ्री और हल्के फूड वजन घटाने में मदद कर सकते हैं, अगर इन्हें सही तरीके से लिया जाए. करण ने भी अपनी डाइट में इनका सही इस्तेमाल किया. इन फूड्स को सीमित मात्रा और सही तरीके से खाने की वजह से उन्हें पेट भरे रहने का एहसास मिलता रहा, वो भी बिना ज्यादा कैलोरी कंज्यूम किए.