सर्दियों का मौसम अपने साथ केवल ठंड ही नहीं बल्कि कई मौसमी फल और सब्जियां भी लेकर आता है. सर्दियां आते ही बाजार हरी-भरी और रंग-बिरंगी सब्जियों से पट जाता है. लेकिन रसोई में स्वाद और पोषण तभी मिलता है जब सब्जियां ताजी आपकी थाली तक पहुंचें. हरी सब्जियों में कीड़े लगना आम बात है लेकिन सड़ी-गली और कीड़े लगी सब्जियां सेहत को बहुत नुकसान पहुंचा सकती हैं.
पालक और गोभी जैसी सब्जियों में यह पहचान करना और भी मुश्किल होता है क्योंकि कीड़े और सड़न अक्सर इनके अंदर छिपे होते हैं. ऐसे में यहां बताई चीजें आपके लिए काफी मददगार हो सकती हैं.
कैसे चुनें ताजा और साफ सब्जी
1- साग, मेथी, पालक, सरसों, धनिया और पुदीना जैसी पत्तेदार सब्जियां मार्केट से जब लाएं तो सबसे पहले उनके रंग और चमक पर ध्यान दें. उनका हरा और चमकदार रंग सब्जियों के ताजा होने की निशानी है.
2- हल्के पीले या भूरे रंग की पत्तियां अगर हैं तो समझ जाएं कि सब्जी पुरानी हो चुकी है. अगर पत्तियों पर भूरे या काले धब्बे हैं तो वो बिलकुल ना खरीदें क्योंकि वो पूरी तरह खराब हो चुकी हैं.
3- पत्तागोभी की कसावट से आपको काफी कुछ पता चल सकता है. पत्तागोभी को हमेशा हाथों से दबाकर देखें. अगर वह ठोस और सख्त है तो ताजी है. अगर वह दब रही है या ढीली महसूस हो रही है तो इसका मतलब है कि वह अंदर से सूख चुकी है या सड़ रही है.
3-फूलगोभी का रंग अगर दूध जैसा सफेद है तो समझें कि वो फ्रेश है. अगर फूल पर पीले या काले धब्बे दिखें तो यह फंगस या कीड़ों का संकेत है. साथ ही फूल आपस में कसकर जुड़े होने चाहिए.
4-टमाटर, बैंगन और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों को दबाकर देखें, अगर दबाने पर ये टाइट लगें तो समझ जाएं कि ये फ्रेश है लेकिन नरम लगे तो ये पुरानी हैं. सब्जियों का भारीपन भी उनके ताजा होने की निशानी है लेकिन बैंगन के मामले में स्थति थोड़ी अलग होती है क्योंकि बैंगन ना हल्का और ना भारी होना चाहिए.
5-पालक और गोभी जैसी सब्जियों की ताजगी उनके डंठल से चेंक करें. अगर वो आसानी से कड़क की आवाज के साथ टूट जाए और उनसे तुरंत पानी निकले तो मतलब सब्जी ताजी है. लचीला या मुड़ने वाला डंठल बासी होने का संकेत है. यानी की सब्जी भी बासी है.