अच्छी हेल्थ और फिटनेस फ्रीक लोग किसी ना किसी फिजिकल एक्टिविटी में इन्वॉल्व रहते ही हैं. आजकल के अधिकतर युवा जिम में पसीना बहा रहे हैं ताकि अपने आपको फिच रख सकें. वहीं उन्हें जिम जाने का जुनून सोशल मीडिया पर बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन के वीडियो देखकर आता है जिसके कारण वे घंटों-घंटों एक्सरसाइज कर रहे हैं और यही कारण है कि जिससे हार्ट अटैक और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर जैसी खबरें लगातार सामने आ रही हैं.
फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि वर्कआउट का मतलब घंटों तक एक्सरसाइज करना, क्षमता से अधिक वजन उठाना नहीं है. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो दिन में 2-3 घंटे जिम में बिताते हैं तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी चेतावनी हो सकती है. आइए जानते हैं कि विज्ञान और डॉक्टर एक दिन में कितनी देर एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं.
1 दिन में एक्सरसाइज कितने घंटे करनी चाहिए, इसका जवाब आपके फिटनेस लेवल, हेल्थ और गोल पर निर्भर करता है लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट रोज घंटों-घंटों जिम में पसीना बहाने की सलाह नहीं देते.
WHO और अन्य गाइडलाइंस के मुताबिक, हेल्दी एडल्ट्स के लिए हफ्ते में 150–300 मिनट मॉडरेट एक्टिविटी या 75–150 मिनट विगरस एक्टिविटी काफी मानी जाती है, जिसे आप रोज के हिसाब से आधे से एक घंटे में आराम से पूरा कर सकते हैं.
घंटों तक ओवरट्रेनिंग करने से थकान, चोट, हार्मोनल गड़बड़ी और मोटिवेशन क्रैश होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में स्मार्ट, प्लान्ड और लिमिटेड टाइम की वर्कआउट रूटीन ज्यादा असरदार और सेफ रहती है.
WHO की ऑफिशिअल वेबसाइट पर बताया गया है कि किस उम्र के लोगों को कितनी एक्सरसाइज करनी चाहिए.
5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चे और एडल्ट: रोजाना कम से कम 60 मिनट की मीडियम से हाई इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी. यदि आप रोजाना इतनी एक्सरसाइज करते हैं तो कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं. इसमें ऐसी एक्टिविटीज शामिल होनी चाहिए जो मसल्स और हड्डियों को मजबूत करें और कम से कम हफ्ते में 3 बार उन्हें करें.
18 से 64 वर्ष की आयु के लोग: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी वाली एक्टिविटी करनी चाहिए या कम से कम 75 मिनट की हाई इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. या फिर दोनों को सुविधानुसार रूटीन में जोड़ना चाहिए.
अधिक लाभ के लिए वयस्कों को 300 मिनट या उससे अधिक मीडियम इंटेंसिटी एक्सरसाइज करनी चाहिए. मसल्स को मजबूत करने वाली एक्टिविटीज हफ्ते में 2 बार या उससे अधिक करनी चाहिए.
65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग: सप्ताह भर में कम से कम 150 मिनट की मीडियम इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी या कम से कम 75 मिनट की हाई इंटेंसिटी वाली फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है. अधिक फायदे के लिए मीडियम इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज को बढ़ाकर प्रति सप्ताह 300 मिनट या उसके आसपास समय तक करें.
जिन लोगों की चलने-फिरने की क्षमता कमजोर है, उन्हें बैलेंस सुधारने और गिरने से बचने के लिए सप्ताह में 3 या अधिक फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए. मसल्स मजबूत करने वाली एक्टिविटीज हफ्ते में 2 या उससे अधिक दिन करें.
फिटनेस एक्सपर्ट कहते हैं कि वे जितना अधिक वर्कआउट करेंगे, उतनी ही जल्दी उनकी मसल्स बनेंगी या वजन कम होगा. लेकिन मेडिकल साइंस इसे 'ओवरट्रेनिंग' कहता है. जब आप अपनी क्षमता से अधिक एक्सरसाइज करते हैं तो शरीर में 'कोर्टिसोल' यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है.
यह हार्मोन आपके मसल्स बनाने की बजाय उन्हें कमजोर करने लगता है और मानसिक तनाव का कारण बनता है. विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट की 'क्वालिटी' मायने रखती है, उसकी 'क्वांटिटी' नहीं.