पक्के रंग से होली खेलने का अलग बी मजा है. लेकिन असली चुनौती तब शुरू होती है जब होली खत्म होने के बाद चेहरे और हाथों पर चढ़ा पक्का रंग छूटता नहीं है. दरअसल, कई बार लोग पक्के सिल्वर या रंग जैसे रंग छुड़ाने के लिए साबुन से त्वचा को बुरी तरह रगड़ने लगते हैं जिससे रैशेज और जलन होने लगती है. स्किन केयर एक्सपर्ट्स का मानना है कि केमिकल वाले रंगों को हटाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए और इसकी जगह आपके किचन में ही काफी सारी ऐसी चीजें हैं जो क्लींजर का काम करती हैं. तो आइए उन तरीकों को जानते हैं जो बिना किसी दर्द या जलन के जिद्दी से जिद्दी रंग को आसानी से निकाल देंगे.
होली खेलने से पहले अधिकतर लोग सरसों का तेल लगाते हैं लेकिन यदि त्योहार खत्म होने के बाद यदि आपके चेहरे पर पक्का रंग लगा हो तो सरसों के तेल में आधा नींबू निचोड़ लें. फिर इस मिश्रण को रंग वाली जगह पर हल्के हाथों से मसाद करें. आप देखेंगे कि नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड ब्लीचिंग एजेंट का काम करता है और वो रंग को चेहेरे से निकाल देगा.
2 चम्मच बेसन में थोड़ा सा दही और चुटकी भर हल्दी मिलाने के बाद, इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें फिर जब यह हल्का सूखने लगे तो हल्के हाथ से रगड़ें. यह न केवल रंग को निकालेगा, बल्कि यह होली के दौरान धूप और धूल से हुई टैनिंग को भी खत्म कर देगा.
अगर आपकी स्किन ऑयली है और रंग गहरे धब्बों की तरह जम गया है, तो मुल्तानी मिट्टी का पैक लगाएं. इसे गुलाब जल के साथ मिलाकर लगाने से रंग की परतें अपने आप सूखकर हटने लगती हैं. मुल्तानी मिट्टी त्वचा के रोमछिद्रों में अंदर गए हुए रंग को सोख लेती है. लेकिन इसे लगाने से पहले ध्यान दें कि पैक पूरी तरह सूखने से पहले ही चेहरा धो लें ताकि स्किन ज्यादा ड्राई न हो.
सफेदा या पक्का रंग कई बार स्किन को बहुत ज्यादा रूखा और बेजान बना देता है. ऐसे में खीरे का रस निकालकर उसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं. इसे रुई की मदद से चेहरे पर लगाएं. यह तरीका उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी त्वचा बहुत सेंसिटिव है.