अच्छे, काले और घने बाल हर किसी की पसंद होते हैं. इन्हें बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के शैंपू, कंडीशनर आदि का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन फिर भी आज के समय में बाल झड़ना लाखों लोगों की परेशानी बना हुआ है. पुरुष हो या महिला, हर किसी को हेयर फॉलो हो रहा है. बाजार में ढेर सारे प्रोडक्ट्स के साथ ही एक तरीका काफी ट्रेंड में चल रहा है. ये तरीका है माइक्रोनीडलिंग और रोजमेरी ऑयल. यह तरीका स्कैल्प को एक्टिवेट करके हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाता है. विदेशी हेल्थ एक्सपर्ट्स जैसे क्लिवलैंड क्लिनिक और हेल्थलाइन मानते हैं कि यह तरीका शुरुआती हेयर लॉस में मददगार साबित हो सकता है बस सावधानी बरतनी जरूरी है. इस कॉम्बो को कैसे इस्तेमाल करते हैं, इस बारे में जान लीजिए.
बाल झड़ने से परेशान लोगों में माइक्रोनीडलिंग और रोजमेरी ऑयल का कॉम्बो तेजी से पॉपुलर हो रहा. यह तरीका स्कैल्प पर छोटे-छोटे नीडल्स से हल्की उत्तेजना देकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है. क्लिवलैंड क्लिनिक के मुताबिक इससे हेयर फॉलिकल्स एक्टिव हो सकते हैं, खासकर एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया जैसे केस में.
हेल्थलाइन का कहना है कि रोजमेरी ऑयल स्कैल्प हेल्थ सुधारने में मदद करता लेकिन कैरियर ऑयल में मिलाकर यूज करें. माइक्रोनीडलिंग में डर्मारोलर जैसे डिवाइस से स्कैल्प पर माइक्रो इंजरी दी जाती जिससे बॉडी हीलिंग प्रोसेस शुरू हो जाता. रोजमेरी ऑयल को इसके बाद लगाने से न्यूट्रिशन बेहतर अब्जॉर्ब होता है.
यह कॉम्बो हर तरह के बाल झड़ने पर काम करे, ऐसा जरूरी नहीं. क्लिवलैंड क्लिनिक साफ कहता कि आयरन डेफिशिएंसी या दूसरी मेडिकल वजहों पर अलग ट्रीटमेंट चाहिए. हेल्थलाइन भी चेतावनी देता कि रिसर्च अभी सीमित है, इसे सपोर्टिंग तरीका ही मानें. घर पर करते वक्त सही डिवाइस चुनें, वरना स्कैल्प डैमेज हो सकता. रोजमेरी ऑयल सेंसिटिव स्किन पर इरिटेशन पैदा करे तो पैच टेस्ट करें. ज्यादा हेयर फॉल हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट से डायग्नोसिस करवाएं, बिना चेकअप रिस्क न लें.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)