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Fatty Liver: फैटी लिवर का खतरा इन लोगों को अधिक, फैट बढ़ने से पहले हो जाएं सावधान!

Fatty liver disease: आज की लाइफस्टाइल के कारण सभी लोग कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. इन बीमारियों में फैटी लीवर डिसीज (Fatty liver disease) भी काफी कॉमन है. फैटी लिवर बीमारी का खतरा किन लोगों को ज्यादा है? फैटी लिवर बीमारी के क्या लक्षण हैं? इस के बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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(Image credit: Getty images) (Image credit: Getty images)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फैटी लिवर काफी कॉमन हो गया है
  • समय रहते इसके लक्षणों को अनदेखा न करें
  • लाइफस्टाइल में सुधारने से मदद मिल सकती है

Fatty Liver Disease: फैटी लिवर बीमारी, लिवर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने के कारण होने वाली एक सामान्य स्थिति है. अधिकांश लोगों में इस बीमारी के कारण कोई लक्षण नहीं आते. लेकिन अगर यह समस्या बढ़ जाती है को यह कुछ मामलों में लिवर को काफी नुकसान पहुंचा सकता है और लिवर कैंसर भी हो सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि कोई भी लाइफस्टाइल में बदलाव करके फैटी लिवर बीमारी को रोक सकता है या कम कर सकता है.

फैटी लिवर डिसीज को स्टीटोसिस (Steatosis) भी कहा जाता है. हर इंसान के स्वस्थ लिवर में थोड़ी मात्रा में फैट होता ही है लेकिन जब फैट की मात्रा लिवर के कुल वजन का 5 से 10 प्रतिशत तक हो जाती है तो मुसीबत पैदा होती है. ज्यादातर मामलों में फैटी लिवर डिसीज किसी भी गंभीर समस्या का कारण नहीं बनता या आपके लिवर को सामान्य रूप से काम करने से नहीं रोकता. लेकिन 7 से 30 प्रतिशत लोगों में फैटी लिवर की समस्या समय के साथ बढ़ने लगती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ लोगों को इस फैटी लिवर का खतरा अधिक होता है इसलिए इन लोगों को अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए. 

फैटी लिवर रोग किसे हो सकता है? (Who gets fatty liver disease)

(Image Credit : pexels)

कुछ लोगों को फैटी लिवर डिसीज होने की संभावना अधिक हो सकती है. अगर किसी को नीचे बताई हुई कुछ समस्याओं में से कुछ है तो उन्हें अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देना चाहिए. इन लोगों में ऐसे लोग शामिल हैं जो

  • हिस्पैनिक या एशियाई हैं
  • ऐसी महिला जिनके पीरियड्स रुक गए हैं
  • पेट की चर्बी काफी अधिक है
  • वजन काफी अधिक है 
  • हाई ब्लड प्रेशर रहता है
  • हाई ब्लड सर्कुलेशन रहता है
  • डायबिटीज है
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल है
  • ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया है. आदि.

फैटी लिवर बीमारी के लक्षण (Symptoms of fatty liver disease)

हर इंसान के लिवर में फैट की कुछ मात्रा होती है, लेकिन जैसे-जैसे लिवर में फैट की मात्रा बढ़ती जाती है, उसे हाई ब्लड प्रेशर, किडनी प्रॉब्लम्स और डायबिटीज का खतरा बढ़ने लगता है. इसलिए नीचे दिए हुए लक्षणों को अनदेखा न करें.

पेट में दर्द (Abdominal pain): क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland clinic) के मुताबिक, पेट में दर्द होना फैटी लिवर डिसीज का संकेत हो सकता है. लेकिन रुकिए हर पेट दर्द फैटी लिवर के ही कारण हो यह बिल्कुल भी संभव नहीं है. कई बार गलत खान-पान या अन्य कारणों से भी पेट दर्द हो सकता है. इसलिए अगर आपको बिना किसी कारण के लंबे समय पेट में दर्द हो रहा है तो पहले पहले किसी डॉक्टर से संपर्क करें और उसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें. मुख्यत: जिसे फैटी लिवर की समस्या होती है उसे पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द होता है. 

भूख न लगना (Loss of appetite): भूख न लगना भी फैटी लिवर डिसीज का लक्षण हो सकते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि जिन लोगों को एक्टिविटी और उम्र के मुताबिक, भूख कम लगने लगती है, उसका कारण फैटी लिवर डिसीज हो सकता है. क्योंकि कई मामलों में देखा गया है कि इस बीमारी में लोगों को भूख कम लगने लगी है.

वजन कम होना (Weight loss): अचानक से वजन कम होना भी फैटी लिवर का संकेत हो सकता है. एक्सपर्ट का मानना है कि वैसे तो वजन कम होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन अगर किसी का पेट फूला रहे और बाकी का शरीर कम होता जाए तो यह इस बीमारी का संकेत हो सकते हैं. लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

थकान या मानसिक भ्रम (Tiredness or mental confusion): अगर किसी को फैटी लिवर संबंधी समस्या है और वह समय के साथ बढ़ रही है तो उसे धीरे-धीरे अधिक थकान होने लगेगी और भ्रम जैसी स्थिति भी पैदा होने लगेगी. अगर थोड़ा भी काम करेंगे तो काफी जल्दी थक जाएंगे और कोई भी चीज को सोचने-समझने में अधिक मेहनत की जरूरत होगी.

पीली त्वचा और आंखों का सफेद होना (Yellowish skin and whites of the eyes): आंखों का सफेद होना और त्वचा का पीला होना भी फैटी लिवर डिसीज का संकेत हो सकता है. अगर आपको कभी ये लक्षण दिखते हैं तो तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करें.

फैटी लिवर बीमारी का इलाज (Treatment of fatty liver disease)

फैटी लिवर के लक्षण जल्दी समझ नहीं आते इसलिए डॉक्टर ही इस बीमारी का पता लगा सकते हैं. नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीद के इलाज की वर्तमान में कोई दवा नहीं है. आपका डॉक्टर बीमारी की स्टेज के मुताबिक इसका इलाज कर सकता है. वहीं कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि शरीर के वजन को धीरे-धीरे 7 से 10 प्रतिशत कर कम करने से इस बीमारी में मदद मिल सकती है. लेकिन ध्यान रखें अधिक जल्दी वजन कम करने से पूरी तरह बचें. बैलेंस डाइट लें, एक्सरसाइज करें, अच्छी नींद लें आदि.  

अगर किसी के लिवर एंजाइम का लेवल हाई हो जाता है तो यह भी इस बीमारी का संकेत हैं. एलिवेटेड लिवर एंजाइम एक ऐसा संकेत देते हैं जो बताते हैं कि लिवर डैमेज हो चुका है. जिन लोगों को अल्कोहलिक फैटी लीवर की बीमारी है, वे शराब का सेवन न करने से लिवर को डैमेज होने और सूजन आने से बच सकते हैं. 

(Disclaimer: किसी भी चीज को फॉलो करने के लिए पहले एक्सपर्ट की सलाह लें.)

 

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