Fatty Liver: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी की वजह से फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. पहले कहा जाता था कि जो लोग शराब ज्यादा पीते हैं उन्हें फैटी लिवर की समस्या परेशान करती है, लेकिन अब मायने बदल गए हैं. शराब ना पीने वाले लोगों में भी फैटी लिवर की बीमारी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है. जी हां, नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज यानी NAFLD अब आम लोगों में भी देखने को मिल रही है.
हालांकि, अच्छी बात ये है कि कुछ घरेलू चीजें लिवर की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं. इन्हीं में से एक अदरक है, जो अपने एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है. अगर अदरक को सही तरीके से ड्रिंक्स में शामिल किया जाए, तो ये लिवर में जमा फैट को कम करने और उसकी काम करने की क्षमता सुधारने में मददगार हो सकता है.
अदरक-नींबू पानी से करें सुबह की शुरुआत
दिन की शुरुआत अगर अदरक-नींबू के गुनगुने पानी से की जाए, तो ये लिवर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इसके लिए ताजे अदरक के कुछ टुकड़ों को पानी में उबालकर उसमें नींबू का रस मिलाया जाता है. ये ड्रिंक लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और पित्त के प्रोडक्शन को भी बढ़ाती है, जिससे लिवर में जमा फैट को तोड़ने की प्रक्रिया तेज होती है. साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी एक्टिव करता है.
अदरक-हल्दी की चाय से घटती है लिवर की सूजन
अदरक और हल्दी दोनों ही सूजन कम करने वाले गुणों से भरपूर होते हैं. जब इन दोनों को साथ उबालकर में पिया जाता है, तो ये लिवर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और अदरक में पाया जाने वाला जिंजरॉल मिलकर लिवर सेल्स को रिपेयर करने में मददगार होते हैं और फैटी लिवर की समस्या को बढ़ने से रोक सकते हैं.
अदरक-दालचीनी की चाय से फैट कंट्रोल
अगर फैटी लिवर के साथ ब्लड शुगर की समस्या भी है, तो अदरक और दालचीनी की चाय फायदेमंद हो सकती है. इस ड्रिंक को बनाने के लिए अदरक और दालचीनी को पानी में उबाला जाता है. दालचीनी इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है, जबकि अदरक डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म को मजबूत करती है. इससे लिवर में फैट जमा होने की संभावना कम होती है.
गर्मियों में पिएं अदरक-पुदीना
गर्म मौसम में अदरक-पुदीना से बना कूलर लिवर को ठंडक देने के साथ-साथ डाइजेशन को भी बेहतर बनाता है. उबले हुए अदरक के पानी को ठंडा करके उसमें पुदीने की पत्तियां और थोड़ा सा नींबू मिलाया जाता है. पुदीना लिवर एंजाइम्स को एक्टिव करता है और फैट को डाइजेस्ट करने में मदद करता है, जिससे लिवर पर स्ट्रेस कम होता है.
आंवला-अदरक जूस से लिवर को मिली है ताकत
अगर आंवला और अदरक को एक साथ मिलाकर उसका जूस बनाया जाए तो वो लिवर के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है. आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है, जो लिवर को रिपेयर करने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में मदद करता है. जब इसमें अदरक मिलाया जाता है, तो ये शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में और ज्यादा असरदार हो जाता है.
अदरक-सौंफ की चाय से डाइजेशन होगा बेहतर
अदरक और सौंफ से बनी हर्बल चाय डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत करती है, जिसका सीधा असर लिवर की सेहत पर पड़ता है. सौंफ गैस और ब्लोटिंग की समस्या को कम करती है और पित्त के फ्लो को बेहतर बनाती है, जबकि अदरक डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करता है. दोनों मिलकर फैट के बेहतर पाचन में मदद करते हैं.
नोट: ये समझना जरूरी है कि अदरक से बनी ये ड्रिंक्स फैटी लिवर का इलाज नहीं हैं, लेकिन सही खानपान और लाइफस्टाइल के साथ इन्हें पीने से लिवर की सेहत में काफी सुधार देखा जा सकता है.