अक्सर ऐसा कहा जाता है कि बिना पसीना बहाए आप अपना वजन कम नहीं कर सकते हैं और सिर्फ खाने से आपका वजन कम नहीं हो सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं, जब सही तरीके से और लगातार किसी चीज को खाया जाए तो फैट को तोड़ने में बढ़ावा मिलता है, क्रेविंग कम होती है और शरीर में फैट के स्टोरेज को रीसेट करने में मदद मिलती है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इन चीजों को बहुत ज्यादा मात्रा में खाने से फैट पिघल सकता है. जब इन चीजों को सीमित मात्रा में और सही समय पर खाया जाए तो इससे आपका वजन कम हो सकता है. आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में-
फॉक्सटेल मिलेट (कंगनी)- फॉक्सटेल मिलेट अपने कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स के लिए जाना जाता है. यह अनाज ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करता है और भूख को काफी हद तक कम करता है. जिससे फैट को बर्न करने में मदद मिलती है. यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को बैलेंस रखने में मदद करता है.
कच्चे केले का आटा- पके केले में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है, जबकि कच्चे केले का आटा फैट से लड़ने में शक्तिशाली होता है. इस आटे का सेवन करने से आपका ब्लड शुगर लेवल स्पाइक नहीं करता है और पेट में गुड बैक्टीरिया का लेवल बढ़ता है. ये दोनों ही भूख को कम करने और मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में मदद करते हैं.
कलौंजी के बीज- कलौंजी सिर्फ़ इंफेक्शन से लड़ने से ज़्यादा काम करती है-यह फैट से भी लड़ते हैं. ये छोटे काले बीज बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं. कलौंजी के बीज लेप्टिन के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, यह वह हार्मोन है जो पेट भरे होने का संकेत देता है.
भीगे हुए मेथी के बीज- मेथी डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करती है. साथ ही, मेटाबॉलिज्म को गर्म करके फैट को बर्न करने में मदद करती है. भीगे हुए मेथी के बीज खाने से भूख कंट्रोल होती है. इससे पाचन में सुधार होता है. यह फैट स्टोरेज को धीमा करता है. भीगे हुए मेथी का पानी पीने से वजन के साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम होता है.