क्रिसमस का नाम दिमाग में आते ही, जो चीज सबसे पहले याद आती है वह कोई और नहीं लाल-सफेद कपड़े पहनने वाले...लंबी सफेद दाढ़ी-मूंछ रखने वाले...झोली भरके गिफ्ट्स लाने वाले सैंटा क्लॉस हैं. माना जाता है क्रिसमस की रात सैंटा क्लॉस अपनी बग्गी में सवार होकर सभी को उनके मांगे गिफ्ट्स देकर जाते हैं. यूरोप के देशों में सभी लोग सैंटा को चिट्ठी लिखकर बताते हैं कि आखिर उन्हें क्रिसमस पर क्या गिफ्ट चाहिए. ऐसा ज्यादातर लोग पिछले कई सालों से करते आए हैं, लेकिन क्या किसी ने सोचा है कि ये चिट्ठियां किस पते पर पोस्ट की जाती हैं? आखिर सैंटा क्लॉस का घर कहां है? है ना मुश्किल सवाल.
ऐसे एक-दो नहीं बल्कि कई देश है, जो दावा करते हैं कि सैंटा उसके नागरिक हैं. फिनलैंड की टूरिज्म इंडस्ट्री की मानें तो लैपलैंड में कोरवातुंटुरी वह जगह है जहां सैंटा अपनी वर्कशॉप रखते हैं. इस दावे में कितनी सच्चाई है यह कोई नहीं जानता, लेकिन इससे फिनलैंड के टूरिज्म को बहुत फायदा होता है. दरअसल, सैंटा और लैपलैंड के बीच कनेक्शन के इस दावे के कारण करोड़ों लोग वहां आते हैं, जिससे करोड़ों डॉलर्स का फायदा देखने को मिलता है.
डेन्स का कहना है कि सैंटा ग्रीनलैंड में रहते हैं. स्वीडन का दावा है कि मोरा ही वह जगह है, जहां सैंटा का घर है. इस दावे में लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए स्वीडन ने सैंटावर्ल्ड नामक थीम पार्क भी बनाया है. ये कुछ ऐसी जगहें हैं, जो सर्दियों में सफेद बर्फ से ढकी दिखती हैं. हालांकि, क्या सैंटा यही रहते हैं?
नॉर्थ पोल पर रहने वाला हंसमुख बूढ़ा आदमी
19वीं सेंचुरी आते-आते सैंटा क्लॉस का एक रूप लोगों के दिलों-दिमाग में बस गया था. लोग उन्हें सफेद दाढ़ी, स्लेज, रेनडीयर और गिफ्ट्स वाला एक हंसमुख बूढ़ा आदमी समझने लगे थे. सैंटा क्लॉस की वेशभूषा के साथ ही लोगों को लगता था कि सैंटा, दुनिया के उत्तरी ध्रुव या फिर कहें नॉर्थ पोल या फिर किसी ठंडी जगह में रहता था. हालांकि, सैंटा की वेशभूषा फिक्स कर देने से यह अभी भी तय नहीं हुआ था कि वह आखिर रहते कहां हैं.
19वीं सदी के मिडिल में चित्रकार थॉमस नास्ट ने हार्पर वीकली में सैंटा को एक हंसमुख बूढ़े व्यक्ति के रूप में चित्रित किया था, लेकिन सैंटा का यह चित्रण ऐसा था जिसे देख लगता था कि वह ऐसी जगह से आते हैं जहां ठंड रही है. ये नॉर्थ पोल हो सकता था, लेकिन 1866 से 1926 तक कोई भी एक्सप्लोर वहां नहीं पहुंचा था जिसने सैंटा को वहां रहते देखा हो.
क्या ईस्ट के देशों से आते हैं सैंटा?
अगर सैंटा नॉर्थ पोल या फिर ठंड वाले देशों से नहीं आता तो क्या वह गर्म और ईस्ट के देशों की तरफ से आते हैं? यह कहना थोड़ा मुश्किल होगा क्योंकि सैंटा जैसे मोटे कपड़े पहनने वाला गर्म मौसम वाले देशों में थोड़ा मुश्किल हो सकता है. ऐसे में पूरी तरह से यह कहना गलत नहीं होगा कि ये देश अपने फायदे के लिए ऐसा दावा कर रहे हैं.
सैंटा से निकोलस ऑफ मायरा का कनेक्शन?
अब सैंटा क्लॉस कहां रहते हैं या उनका घर कहां था, इसका पता लगाने के लिए हमें इस बात पर गौर फरमाना होगा कि बौनों के साथ सैंटा का एक बहुत लंबा इतिहास रहा है. इस इतिहास का एक मुख्य तत्व स्मिर्ना के बिशप सेंट निकोलस या निकोलस ऑफ मायरा रहे हैं. स्मिर्ना, जिसे अब तुर्की में इजमिर कहा जाता है और मायरा, जिसे अब तुर्की में डेमरे कहा जाता है, दोनों निकोलस से जुड़े हुए हैं. खास बात यह है कि उत्तरी यूरोप की तरह ही Anatolia में भी ऐसी बहुत सी जगह हैं, जो सैंटा से जुड़ी होने का दावा करती हैं.
बच्चों को गिफ्ट बांटते थे निकोलस
सवाल यह उठता है कि निकोलस कौन थे और उनका सैंटा से क्या कनेक्शन है, जो हमें उनका जिक्र इस आर्टिकल में करना पड़ा. बता दें, निकोलस एक ऐसे संत थे, जो तीरंदाजों और शराब बनाने वालों के अलावा बच्चों और सेलर्स के साथ ही ज्यादातर हर व्यक्ति और चीज के संरक्षक थे. बच्चों के साथ उनका संबंध इस बात को दर्शाता है कि बाद में लोग उन्हें ही सैंटा कहा करते होंगे. दरअसल, निकोलस अक्सर बच्चों को गिफ्ट्स दिया करते थे. बच्चों को गिफ्ट देने के अलावा जो एक चीज उनके सैंटा होने की बात पर मुहर लगाती है वह उनका सेलर्स से कनेक्शन है. सेलर्स के साथ उनके जुड़ाव के कारण ही वह दुनिया भर में जाने जाते हैं.
कहां रहते थे निकोलस यानी सैंटा क्लॉस?
ऐसा माना जाता है कि तुर्की में सेंट निकोलस के चर्च के नीचे 2017 की पुरातात्विक खुदाई में उस जगह का पता लगा था, जहां निकोलस को दफन किया गा था. वहीं पर सेंट निकोलस को दफनाने का दावा किया जाता है. पुरानी हड्डियों से भरी कब्र बेशक क्रिसमस जैसी ना दिखती हो, लेकिन यह किसी जगह और व्यक्ति के बीच की कड़ी हो सकती है.