How To Reduce Arm Fat: मोटे-मोटे हाथ या बाजू महिलाओं के लिए एक कॉमन समस्या है क्योंकि उसके कारण उनके ब्लाउज, सूट और टॉप की फिटिंग सही नहीं आती है और कई मामलों में वे अपने आर्म फैट के कारण डिमोटिवेट भी हो जाती हैं. हालांकि हाथों का ये फैट महिलाओं के लिए आम समस्या है जो उम्र, हार्मोनल बदलाव और मोटापे से बढ़ता है. कई हेल्थ रिसर्च बताती है कि कुल बॉडी फैट को कम करके और टारगेट मसल्स पर लोड डालकर आर्म फैट को कम किया जा सकता है या उन्हें टोन किया जा सकता है.
हालांकि साइंस ये भी कहता है कि स्पॉट रिडक्शन पॉसिबल नहीं है लेकिन उस हिस्से पर अधिक ध्यान देकर उसकी टोनिंग की जा सकती है. साथ ही स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ कार्डियो जोड़कर आप हाथों के फैट को भी कम कर सकती हैं. तो आइए आज हम आपको 5 साइंटिफिक तरीके बताते हैं जो आर्म फैट कम करने में मदद कर सकते हैं.
Healthline के मुताबिक, महिलाओं में आर्म फैट जेनेटिक्स और हार्मोनल इम्बैलेंस के कारण बढ़ जाता है, ऐसे में ओवरऑल बॉडी फैट कम करना ही असली हथियार साबित हो सकता है. रिसर्च कहती हैं कि स्पॉट रिडक्शन काम नहीं करता लेकिन कैलोरी डेफिसिट में रहकर ओवरऑल बॉडी वेट कम किया जा सकता है. यदि आप डाइट कंट्रोल और एक्सरसाइज करते हैं तो सबक्यूटेनियस फैट कम होता है जो कि आर्म्स में जमा होता है. आप अपनी मेंटेनेंस कैलोरी से रोजाना 500 कैलोरी कम खाएं आपको 4 से 6 हफ्तों में रिजल्ट दिखने लगेंगे.
WebMD की रिसर्च बताती है कि वेटलिफ्टिंग से आर्म मसल्स मजबूत होते हैं जो फैट को टोन करके छुपा देते हैं. 2021 में 58 स्टडीज के रिव्यू में पाया गया था कि रेजिस्टेंस ट्रेनिंग बॉडी फैट परसेंट कम करती है. यदि आप हफ्ते में 3 दिन ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, बाइसेप कर्ल्स और पुश-अप्स जैसी एक्सरसाइज के 3-3 सेट और 12-15 रेप्स करते हैं तो मसल टोन होते हैं और आर्म्स का फैट कम होता है.
Healthline का कहना है, कार्डियो से कैलोरी बर्न तेज होती है जिसका असर ओवरऑल फैट के साथ ऑर्म फैट पर भी पड़ेगा. 2022 में हुई स्टडी में 160 मोटे लोगों पर हुई रिसर्च में पाया गया था कि कार्डियो और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग से सबक्यूटेनियस फैट सबसे ज्यादा घटता है. इसलिए हर हफ्ते 150 मिनट जॉगिंग, स्विमिंग या रोइंग करें. यदि कोई हफ्ते में 5 दिन 30 मिनट कार्डियो करता है तो उसके आर्म्स स्लिम होने के चांस बढ़ जाते हैं.
हाई प्रोटीन डाइट भूख कंट्रोल करने के साथ-साथ मसल्स गेन में भी मदद करती है. रिसर्च दिखाती हैं कि प्रोटीन से फैट बर्न तेज होता है जबकि फाइबर पेट भरा हुआ रखता है. चिकन, अंडे, दालें और फल-सब्जियों को डाइट में एड करें, रिफाइंड कार्ब्स छोड़ें. इनसे आर्म फैट कम होने में भी मदद मिलती है.
WebMD का कहना है, कम नींद लेने से हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है जो फैट स्टोरेज बढ़ाता है. स्टडीज कहती हैं कि 7-9 घंटे सोने से वेट लॉस आसान होता है. अच्छी नींद से एनर्जी मिलती है और एक्सरसाइज परफॉर्मेंस बढ़ती है. इसलिए कोशिश करें कि रात 10 बजे तक सो जाएं ताकि सुबह तक अच्छी नींद मिले और बॉडी रिकवर हो पाए.
Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.