Rajasthani Kanji Vada Recipe: चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच लोगों को ऐसी चीज की तलाश रहती है जिसे खाकर जीभ चटखारे ले और साथ ही शरीर को अंदरूनी ठंडक भी मिले. जब-जब किसी का मन ऐसी चीज खाने का मन करता है, तब-तब लोगों की जुबान पर सबसे पहले कांजी वड़ा का नाम आता है. राजस्थान के भरतपुर क्षेत्र से आने वाला ये मशहूर कांजी वड़ा अब पूरे भारत में पसंद किया जाता है. इसकी तासीर और खुशबू ही गर्मी का आधा सुकून दे देती है.
ये गर्मियों के लिए न केवल एक जादुई ड्रिंक है, बल्कि पाचन दुरुस्त करने के लिए भी बेस्ट है. मिट्टी के घड़े में राई, हींग और मसालों के साथ फर्मेंट किया गया इसका खट्टा-तीखा पानी लू से बचाने में भी रामबाण माना जाता है. दाल के सॉफ्ट वड़ों के साथ जब ये तीखी कांजी वड़ा गले से उतरती है, तो कोल्ड ड्रिंक्स को मात दे देती है. अगर आप भी इसे घर पर बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको भरतपुर के इस मशहूर और ट्रेडिशनल कांजी वड़े की रेसिपी बताने वाले हैं. चलिए जानते हैं रेसिपी.
इंग्रेडिएंट्स:
वड़ा के लिए:
कांजी के लिए:
वड़ा बनाने का तरीका:
कांजी वड़ा बनाने के लिए सबसे पहले इसके मुलायम और फूले हुए वड़े तैयार किए जाते हैं.
1. वड़ा बनाने के लिए मूंग दाल या उड़द दाल को 5 से 6 घंटे तक पानी में भिगो दें. आप देखेंगे कि 5-6 घंटे बाद ये अच्छे से फूल जाएगी.
2. इसके बाद दाल को पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. इसमें थोड़ा नमक मिलाकर अच्छे से फेंट लें, ताकि बैटर फ्लफी हो जाए और वड़े सॉफ्ट और फूले हुए बनें.
3. फिर कड़ाही में तेल गरम कर छोटे-छोटे वड़े तलें. इन्हें तब तक तलें जब तक वे हल्के सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं.
कैसे बनाएं कांजी का पानी?
1. कांजी का पानी बनाने के लिए एक बर्तन में पानी लें. उसमें पिसी हुई काली सरसों, लाल मिर्च पाउडर, नमक, जीरा और चुटकी भर हींग मिलाएं.
2. मसाले मिलाने के बाद इस पानी को कुछ समय के लिए ढककर रखा जाता है, जिससे इसमें हल्की खटास आ जाती है और ये नेचुरल तरीके से फर्मेंट हो जाता है.
3. जब पानी तैयार हो जाता है, तब उसमें तले हुए वड़े डाल दिए जाते हैं. वड़े इस खट्टे-तीखे पानी को सोखकर और भी स्वादिष्ट बन जाते हैं.
कांजी वड़ा सिर्फ एक चटपटी ड्रिंक नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है. इसका फर्मेंटेड पानी डाइजेशन को मजबूत करता है और शरीर को ठंडक देता है. गर्मी के मौसम में ये एक ऐसा देसी ऑप्शन है, जो स्वाद के साथ-साथ शरीर को भी राहत देता है.