Gajar halwa recipe: जब सर्दियों में आप घर पर होते हैं और उस समय कड़ाके की ठंड में आपकी मां एक कटोरी आपके पास लाती हैं, जिसमें लाल-सुर्ख गाजर का हलवा होता है. उसमें से उठती हुई भाप और देसी घी में भुनी हुई गाजरों की सोंधी-सोंधी खुशबू आपके दिल को कितना सुकून पहुंचाती थी.
लेकिन जब आप घर की दहलीज लांघकर नौकरी या पढ़ाई के लिए बाहर निकलते हैं तो अक्सर वह स्वाद और मिठास घर के चूल्हे पर ही छूट जाती है. मैं भी अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर नोएडा में रहता हूं. कुछ दिन पहले जब मुझे घर के उस गाजर के हलवे की याद आई तो दिल नहीं माना. मैंने झट से अपनी भाभी को कॉल किया और उनसे वो 'सीक्रेट' रेसिपी पूछी. यकीन मानिए उनकी विधि से मैंने जब हलवा बनाया और अपने साथियों को खिलाया तो उन्हें भी काफी पसंद आया.
मेरे जैसे कई ऐसे लड़के होंगे जो अपने घर से दूर रह रहे होंगे तो आज मैं उन सबके लिए गाजर का हलवा बनाने की ऐसी आसान विधि बता रहा हूं जिससे वे अपने हॉस्टल या फ्लैट के छोटे से किचन में 'घर वाला' गाजर का हलवा बना सकते हैं.
मैंने सबसे पहले गाजर को लेकर धोया और उन्हें कद्दूकस किया. फिर एक कड़ाही लेकर उसमें 2 टेबल स्पून घी लिया और फिर गाजर को डाल दिया. गाजर को हल्का सा भूनने के बाद उसमें लगभग 750 मिली लीटर दूध डाला और दूध में उबाल आने तक तेज आंच में पकने दिया. फिर जब उबाल आ गई तो गैस को मीडियम आंच पर किया और पकने दिया. जैसे ही दूध सूखने लगा, उसमें मैंने बाकी का बचा हुआ दूध भी डाल दिया. फिर उसे तब तक पकाया जब तक दूध सूख ना जाए. वहीं बीच-बीच में उसे चलाता भी रहा ताकि गाजर चिपक ना जाए.
फिर मैंने चीनी डाली और मैंने देखा कि चीनी डालने के बाद हलवे ने फिर से पानी छोड़ दिया. फिर मैंने गैस को फिर से थोड़ा तेज किया और फिर हलवे में चीनी द्वारा छोड़ा हुआ पानी सुखा दिया.
फिर हलवे में इलायची पाउडर और हाथों से मैश किया हुआ मावा (खोया) डाला. इसके बाद 2-3 मिनट तक बिल्कुल धीमी आंच पर पकया और देखा कि हलवे में दानेदार बनावट आ गई है.
फिर गैस को बंद किया और एक पैन में निकालकर उसमें कटे हुए काजू-बादाम-पिस्ता से ड्रेसिंग कर दी. बस फिर क्या था मेरा गर्मा-गर्म गाजर का हलवा तैयार था.