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चेचक में खासतौर पर फायदेमंद हैं नीम की पत्त‍ियां...जानते हैं कैसे?

नीम में anti-fungal, anti-bacterial और anti-inflammatory गुण पाया है. ये लगभग हर तरह के इंफेक्शन को दूर करने का एक बेहद कारगर और नेचुरल उपाय है. नीम की डंठल का इस्तेमाल जहां दातून के रूप में किया जाता है वहीं इसकी छाल का इस्तेमाल दाद और दूसरे संक्रमण को दूर करने में किया जाता है.

नीम की पत्ति‍यां नीम की पत्ति‍यां

नीम में anti-fungal, anti-bacterial और anti-inflammatory गुण पाया है. ये लगभग हर तरह के इंफेक्शन को दूर करने का एक बेहद कारगर और नेचुरल उपाय है. नीम की डंठल का इस्तेमाल जहां दातून के रूप में किया जाता है वहीं इसकी छाल का इस्तेमाल दाद और दूसरे संक्रमण को दूर करने में किया जाता है. इसकी पत्तियों का इस्तेमाल स्क‍िन से जुड़ी कई समस्याओं में किया जाता है.

इसके साथ ही ये चेचक के इलाज में भी बहुत कारगर हैं. ये चेचक को बढ़ने से रोकने का काम करती हैं. पीड़ित के शरीर पर नीम के लेप और दूसरे उपाय करके हम इसके संक्रमण को कम कर सकते हैं.

चेचक हो जाने पर नीम के इन उपायों को करना रहेगा फायदेमंद:

1. चेचक हो जाने पर नीम की पत्त‍ियों से नहाना बहुत ही फायदेमंद रहेगा. आप चाहे तो नीम की पत्त‍ियों को एक गहरे बर्तन में ढककर उबाल सकते हैं. जब ये पानी ठंडा हो जाए तो इसे छान लें. पत्त‍ियों को अलग रख दें और पानी को नहाने वाली बाल्टी में नॉर्मल पानी के साथ मिला दें. इसके अलावा आप चाहें तो हल्के गुनगुने पानी में नीम की पत्तियां डालकर कुछ देर छोड़ दें. 10 से 15 मिनट तक इसे यूं ही रहने दें. इस पानी से मरीज को नहलाएं. ऐसा करने से इंफेक्शन कम होगा और खुजली भी.

2. नीम की पत्तियों को पीसकर एक पेस्ट तैयार कर लीजिए. नहाने के बाद इस पेस्ट को बड्स की मदद से चेचक के दानों पर लगाएं. हो सकता है पेस्ट लगाने के कुछ समय बाद आपको खुजली होने लगे लेकिन खुजलाएं नहीं. कुछ दिनों के इस्तेमाल से ही फायदा होने लगेगा.

3. चेचक एक संक्रामक बीमारी है, जो एक शख्स से दूसरे को भी हो सकती है. जब चेचक की पपड़ी गिरती है तो वो संक्रमण फैलाती है. ऐसे में पीड़ित को एक अलग बेड पर सुलाएं. बिस्तर पर नीम की पत्त‍ियों को फैला दें. इससे आराम मिलेगा और खुजली भी कंट्रोल होगी.

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