भारत में माहवारी को लेकर जागरुकता का अभाव है, जो स्वास्थ्य से संबंधित कई समस्याओं कारण बन सकता है. खासतौर से ग्रामीण इलाकों में रहने वाली महिलाओं में इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां देखने को मिलती हैं. संभवत: यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में अब तक सेनिटरी पैड के इस्तेमाल को लेकर बहुत कम जागरुकता है. हालांकि इसके पीछे एक कारण सेनिटरी पैड की लागत भी है. ग्रामीण इलाकों में रहने वाली हर महिला इसका खर्च नहीं उठा सकती.
पर अब जीएसटी के लागू होने पर इनकी कीमत कम हो जाएगी. इसका कारण है सरकार द्वारा इन पर लगाए जाने वाले टैक्स को समाप्त करना. माना जा रहा है कि इस कदम से महिलाओं को काफी राहत मिलेगी. वे महिलाएं, जो अब भी पीरियड्स के दौरान परंपरागत चीजों का इस्तेमाल करती हैं, उनके लिए ये कदम बहुत फायदेमंद साबित होगा.
अब भी 88 फीसदी नहीं खरीद पातीं सेनेटरी पैड
Sanitary Protection: Every Woman’s Health Right नाम से की गई स्टडी में ये बात सामने आई थी कि अभी भी हमारे देश में 88 फीसदी महिलाएं सेनिटरी नैपकिंस का प्रयोग नहीं करती हैं. वे आज भी पुराने तरीकों जैसे कपड़े, अखबारों या सूखी पत्तियों का प्रयोग करती हैं. इसका कारण ये है कि वे सेनेट्री नैपकिंस को खरीदने में सक्षम नहीं हैं.
इन खतरों की जद में महिलाएं
डॉक्टर्स का कहना है कि यही कारण है कि करीब 70 प्रतिशत महिलाएं reproductive tract infections से पीडि़त हैं.
जहां तक कपड़े की बात है, तो ये एक पुराना तरीका है. पर जानकार कहते हैं कि बार-बार कपड़े को प्रयोग किए जाने के लिए धोना और फिर उसे धूप में सुखाने से महिलाएं अक्सर इन्फेक्शन का शिकार हो जाती हैं.
बच्चियों के लिए जरूरी
एक रिपोर्ट के अनुसार गांवों-कस्बों के स्कूलों में कई बच्चियां, पीरियड्स के दौरान 5 दिन तक स्कूल मिस करती हैं. यही नहीं, 23 प्रतिशत बच्चियां, माहवारी शुरू होने के बाद पढ़ाई छोड़ देती हैं. इसके बाद सरकार ने बड़े स्तर पर स्कूलों में फ्री नैपकिंस बांटने का फैसला किया.
क्यों उठी मांग
समाज में लंबे समय से ये मांग उठ रही थी कि जब गर्भनिरोधक और CONDOMS को टैक्स फ्री किया गया है तो सेनिटरी पैड्स को क्यों नहीं किया जा सकता.
#LahuKaLagaan
सोशल मीडिया पर इस हैशटेग से बकायदा कैंपेन चलाया गया, जिसमें सेलिब्रिटीज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार से सेनिटरी पैड्स को टैक्स फ्री करने की मांग की.
कितनी हो जाएगी कीमत
जानकारों का कहना है कि अगर सेनिटरी पैड्स को टैक्स फ्री कर दिया जाता है तो 10 सेनेट्री पैड वाले पैक की कीमत 100 रुपए से घटकर करीब 88 रुपए रह जाएगी.