भारतीय खाना चावल के बिना अधूरा माना जाता है. चाहे दाल-चावल, सब्जी चावल, पुलाव, खीर या फिर खिचड़ी हो. यह किसी न किसी रूप में हमारे खाने का अहम हिस्सा है. हालांकि, ज्यादा मात्रा में चावल खाने से सेहत नुकसान भी पहुंच सकता है. ऐसे में कई लोग सफेद चावल की जगह ब्लैक चावल को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं.
ब्लैक राइस गहरे नीले-काले रंग का होता है और इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, आयरन और एंथोसायनिन्स होते हैं जो दिल की बीमारियों से बचाते हैं, इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और डाइजेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं रोजाना ब्लैक राइस खाने से होने वाले फायदों के बारे में.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
ब्लैक राइस में दूसरे चावलों की तुलना में ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. इसमें एंथोसायनिन्स पाए जाते हैं जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करके आपकी कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं.
हार्ट हेल्थ बेहतर होती है
ब्लैक राइस में फ्लावोनॉइड्स और फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद करते हैं. रोजाना इसे खाने से धमनियों में जमने वाले प्लाक का खतरा घटता है.
लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है
ब्लैक राइस के ब्रान में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स लिवर को हानिकारक टॉक्सिन्स निकालने में मदद करते हैं. यह शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करता है.
डायबिटीज मैनेजमेंट
ब्लैक राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) सफेद चावल से कम होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकता है. इंसुलिन लेवल को भी बेहतर करता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह हेल्दी ऑप्शन है.
डाइजेशन बेहतर होता है
ब्लैक राइस एक होल ग्रेन है और इसमें फाइबर लगभग ब्राउन राइस से दोगुना होता है. यह डाइजेशन को बेहतर करता है, कब्ज से बचाता है और गट माइक्रोबायोम को हेल्दी रखता है.
वजन कंट्रोल करने में मदद करता है
ब्लैक राइस में फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होने की वजह से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इससे कैलोरी कम खाने में मदद मिलती है और क्रेविंग कम होती है जो वजन घटाने के लिए फायदेमंद है.
नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना न भूलें.