
दुनिया के सबसे बड़े फैशन इवेंट्स की जब भी बात की जाती है, तो लोगों के दिमाग में सबसे पहले मेट गाला का नाम आता है. हर साल होने वाले फैशन के इस मेले में दुनियाभर से आए सेलिब्रिटीज रेड कार्पेट पर अपने स्टाइल और ग्लैमर से कुछ अलग हटकर और खास पेश करने की कोशिश करते हैं. उनके स्टाइल स्टेटमेंट्स की गवाह पूरी दुनिया बनती है. यहां डेब्यू करना किसी भी मॉडल के लिए सपने के सच होने जैसा होता है. ये एक ऐसा मौका होता है, जो उनके मॉडलिंग करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है.
लेकिन भाविता मंडावा के लिए ये शानदार पल इस सोच से बिल्कुल अलग साबित हुआ. जहां ये उनके करियर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक पल होना चाहिए था, लेकिन उनका मेट गाला डेब्यू ट्रोलिंग की वजह बन गया. इतना ही नहीं उनकी अपीयरेंस ने सोशल मीडिया पर बहस भी छेड़ दी. रेड कार्पेट पर कदम रखते ही उनका लुक सवालों घेरे में आ गया. लोगों ने न सिर्फ उनके आउटफिट को लेकर राय रखी, बल्कि इसके पीछे की सोच और स्टाइलिंग पर भी उंगलियां उठाईं. चलिए जानते हैं कि ऐसा भाविता ने क्या पहना था.
सिंपल लुक बना चर्चा का कारण
भाविता, शनेल (Chanel) की पहली भारतीय एंबेसडर के तौर पर मेट गाला के रेड कार्पेट पर उतरी थीं. उनका लुक उम्मीद से बिल्कुल अलग नजर आया. उन्होंने रेड कार्पेट के लिए न तो कोई भारी ड्रेस पहनी थी और न ही कोई स्टेटमेंट जूलरी. उनका लुक बिल्कुल सड़क पर चलती किसी आम लड़की जैसा था.
उन्होंने मेट गाला 2026 रेड कार्पेट पर डेब्यू करने के लिए पीच कलर के शीयर टॉप के साथ डेनिम-इफेक्ट सिल्क पैंट पहनी थी, जो पहली नजर में जींस जैसी लग रही थी. अपने लुक को कंप्लीट करने के लिए उन्होंने ब्लैक-वाइट स्लिंगबैक शूज कैरी किए थे. मेट गाला जैसे भव्य और हाई-फैशन इवेंट में, जहां सभी आमतौर पर ड्रामेटिक और एक्सपेरिमेंटल आउटफिट्स देखने को मिलते हैं, वहां भविता का ये सादगी भरा अंदाज तुरंत लोगों की नजरों में आ गया. लेकिन ये हर किसी को इंप्रेस नहीं कर पाया.
कई लोगों को भाविता का ये लुक जरूरत से ज्यादा सिंपल लगा, खासकर उस मंच के हिसाब से जहां हर साल फैशन और स्टाइल के सबसे बढ़िया नमूने पेश किए जाते हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि इस मंच पर फैशन सबसे बोल्ड और ग्लैमरस रूप में नजर आता है. यही वजह रही कि उनका ये स्टाइल देखते ही देखते चर्चा और बहस का विषय बन गया.

सोशल मीडिया पर उठा नस्लवाद और टोकनिज्म का मुद्दा
जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर भाविता के लुक की चर्चा बढ़ने लगी ये मामला सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं रहा. कई यूजर्स ने शनेल पर टोकनिज्म, माइक्रोएग्रेसन और यहां तक कि नस्लवाद जैसे गंभीर आरोप लगाए. लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी वेस्टर्न या वाइट एंबेसडर को भी इतने सिंपल लुक में रेड कार्पेट पर भेजा जाता? साथ ही कुछ यूजर्स ने ये भी पूछा कि क्या भारतीय लोगों की मौजूदगी को सच में उतनी ही अहमियत दी गई, जितनी दिखाने की कोशिश की जाती है.
उसी इवेंट में बाकी सितारे बेहद ग्लैमरस और ड्रामेटिक आउटफिट्स में नजर आए. इसके मुकाबले भाविता का लुक कई लोगों को अंडरड्रेस्ड लगा. यहीं से बहस और गहरा गई और एक सवाल खड़ा हो गया कि क्या शनेल ने अपने पहले भारतीय एंबेसडर को उसी लेवल का ट्रीटमेंट दिया, जो बाकी इंटरनेशनल चेहरों को मिलता है?
क्या भविता को 'गैसलाइट' किया गया?
कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर ये भी कहा कि भविता को ये विश्वास दिलाया गया था कि उनका लुक बहुत खास और अलग है, जबकि असल में उन्हें उस लेवल का हाई-फैशन ट्रीटमेंट नहीं दिया गया जो दूसरों को मिला. हालांकि, भविता रेड कार्पेट पर काफी खुश नजर आईं और उन्होंने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया.
हर कोई नहीं था नाखुश
जहां एक तरफ लोग भाविता के इस लुक को बुरी तरह से ट्रोल कर रहे थे, वहीं कुछ लोगों ने इसकी तारीफ भी की. उनका मानना था कि फैशनबल दिखने के लिए हर बार भारी-भरकम और ओवर-द-टॉप आउटफिट्स पहनने की जरूरत नहीं होती है. एक सिंपल लुक भी मजबूत फैशन स्टेटमेंट दे सकता है. भाविता ने ऐसे ही लुक के साथ अपने करियर की उड़ान भरी थी और मेट गाला में एक तरह से उसी लुक में आकर उन्होंने अपने उस मोमेंट की अहमियत को बताने की कोशिश की.