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गाजियाबाद: एक ही परिवार के 7 लोगों की ली थी बेरहमी से जान, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

कातिल ड्राइवर ने वारदात के दौरान माता-पिता के साथ बच्चों को भी नहीं छोड़ा. घर के भीतर जो भी मिला, उसने मौत के घाट उतार दिया. अब इस मामले में 9 साल बाद अदालत का फैसला आ गया.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

यूपी में गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के घंटाघर नई बस्ती इलाके में साल 2013 में कारोबारी सतीश गोयल समेत उनके परिवार के सात सदस्यों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी. अब इस मामले में अदालत का फैसला आ गया है. गाजियाबाद की स्थानीय अदालत ने सोमवार को इस मामले में गोयल के पूर्व ड्राइवर राहुल वर्मा को फांसी की सजा सुनाई. साथ ही आईपीसी की अलग-अलग धाराओं में कुल 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया.

बता दें कि 21 मई, 2013 की रात गाजियाबाद के कारोबारी सतीश गोयल के घर के अंदर परिवार के सात लोगों की हत्या कर दी गई थी. अदालत ने शनिवार (30 जुलाई) को गोयल के पूर्व ड्राइवर राहुल वर्मा को दोषी ठहराया था. कत्ल के बाद राहुल कारोबारी के घर से लाखों रुपये के गहने और जेवरात लूटकर भाग गया था.

इस वारदात में कारोबारी सतीश गोयल (65), उनकी पत्नी मंजू गोयल (63), बेटे सचिन (36), बहू रेखा (34) और उनके तीन नाबालिग बच्चों की चाकुओं से गोदकर ड्राइवर ने जान ले ली थी. यहां तक कि उसने माता-पिता के साथ बच्चों को भी नहीं छोड़ा. घर के भीतर जो भी मिला, उसने मौत के घाट उतार दिया.

इस बेरहम हत्याकांड का पता तब चला, जब सतीश गोयल को रोज इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर घर में आए. घर में पड़ी लाशों को देखकर डॉक्टर साहब ने पड़ोसियों और पुलिस को खबर की. दो शव घर के फर्स्ट फ्लोर पर और बाकी पांच शव सेकेंड फ्लोर पर मिले थे. सतीश को किडनी की समस्या थी, जिसके चलते डॉक्टर रोज उनको इंजेक्शन लगाने आते थे. अब 9 साल बाद इस मामले में अदालत का फैसला आ गया.

 

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