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रेणुकास्वामी मर्डर केस: एक्टर दर्शन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत देने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले सात महीनों में केवल 10 गवाहों की जांच हो सकी है, जबकि अभियोजन पक्ष 60 महत्वपूर्ण गवाहों को प्राथमिकता के आधार पर पेश करना चाहता है. मामले में दर्शन, अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों पर 33 वर्षीय रेणुकास्वामी के अपहरण और यातना का आरोप है.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी है. (File Photo- ITG)
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी है. (File Photo- ITG)

रेणुकास्वामी मर्डर केस में आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार करते हुए ट्रायल में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा कि मामले की सुनवाई की रफ्तार बेहद धीमी है. 

कोर्ट ने कर्नाटक सरकार से कहा कि रेणुकास्वामी मर्डर केस में 60 अहम गवाहों की जांच एक साल के भीतर पूरी कराई जाए. साथ ही ट्रायल कोर्ट को जरूरत पड़ने पर रोजाना आधार पर सुनवाई करने की भी अनुमति दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले सात महीनों में केवल 10 गवाहों की जांच हो सकी है, जबकि अभियोजन पक्ष 60 महत्वपूर्ण गवाहों को प्राथमिकता के आधार पर पेश करना चाहता है. अदालत ने कहा कि मामूली कारणों पर सुनवाई टालने से बचना होगा और बचाव पक्ष को भी ट्रायल में सहयोग करना चाहिए.

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि एक साल में ट्रायल में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अभिनेता दर्शन दोबारा जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं.

सुनवाई के दौरान दर्शन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अभियोजन 272 गवाहों को पेश करना चाहता है और अब तक बेहद धीमी प्रगति हुई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दर्शन को क्वारंटीन सेल में रखा गया है और दूसरे कैदियों से मिलने नहीं दिया जा रहा.

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हालांकि राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि दर्शन को उस जगह रखा गया है जिसे कोविड काल में क्वारंटीन सेल कहा जाता था और उन्हें अन्य कैदियों से मिलने से नहीं रोका गया है.

मामले में दर्शन, अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों पर 33 वर्षीय रेणुकास्वामी के अपहरण और यातना का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक संदेश भेजे थे, जिसके बाद जून 2024 में उन्हें बेंगलुरु के एक शेड में तीन दिनों तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया. बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था.

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