महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और गोंडा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने से पहले 26 अप्रैल को उनकी अर्जी पर कोर्ट का फैसला आएगा. इसमें सिंह ने इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को ज्यादा अहम बताते हुए उन पर भी पहले जांच कराने की गुहार लगाई है.
बृजभूषण शरण सिंह राऊज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे हैं. बृजभूषण ने राउज ऐवन्यू कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस मामले से जुड़े कुछ अन्य पहलुओं पर भी आगे की जांच करने और कुछ बिंदुओं पर बहस करने की गुहार लगाई है. बृज भूषण ने अपनी अर्जी में कहा है कि जिस तारीख पर एक महिला पहलवान के WFI दिल्ली ऑफिस में कथित छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, उस तारीख पर तो वो देश से ही बाहर थे.
दावा- आरोप वाले दिन दिल्ली में नहीं थे
बृज भूषण ने अपनी अर्जी के साथ पासपोर्ट की कॉपी भी कोर्ट को दी है. उस पर उस तारीख को उस देश की इमीग्रेशन मोहर भी लगी हुई है, जहां होने का दावा सिंह कर रहे हैं. बृजभूषण ने दावा किया है कि वह उस समय दिल्ली में ही नहीं थे. कोर्ट ने कहा कि एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से वापस आने के बाद WFI दिल्ली कार्यालय में उसका यौन उत्पीड़न किया गया था. अभियोजन ने उस तारीख पर सीडीआर की कॉपी नहीं जमा की है.
बृजभूषण के वकील ने नहीं उठाया था मुद्दा
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि चार्जशीट पर संज्ञान के बाद चार्ज फ्रेम करने पर बहस के दौरान यह बिंदु कोर्ट के सामने बृज भूषण के वकील ने नहीं उठाया था. अब इस मुद्दे को उठाया जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि यह सिर्फ एक तारीख के आरोप पर सवाल उठा रहे हैं. दूसरे आरोपों पर सवाल नहीं उठा रहे हैं.
'अगर CDR है तो कोर्ट में जमा करें'
बृजभूषण के वकील ने कहा कि ओवर साइट कमेटी में दिल्ली की घटना का जिक्र नहीं है, जिस तरीख (7 सितंबर 22) की WFI की घटना का आरोप लगाया जा रहा है, उस तारीख पर बृजभूषण दिल्ली में नहीं थे. अगर दिल्ली पुलिस के पास CDR है तो वह उसकी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करें. बृजभूषण के वकील ने कहा हमने पासपोर्ट की कॉपी भी लगाई है, जिसमें इमिग्रेशन की मोहर लगी हुई है. अगर दिल्ली पुलिस को इस बिंदु पर जवाब दाखिल करना है तो एक हफ्ते का समय ले लें.
वकील का आरोप- देरी के लिए दी याचिका
बृजभूषण के वकील ने कहा कि हमने यह अर्जी मामले में देरी के लिए नहीं लगाई है. महिला पहलवानों के वकील ने कहा यह याचिका मामले में देरी के लिए दाखिल की गई है, कोर्ट को इस अर्जी पर सुनवाई नहीं करनी चहिए. बृजभूषण के वकील ने कहा कि अगर CDR की रिपोर्ट है तो अभी दे दें. सही समय है. इस मुद्दे को उठाने का आगे इस मुद्दे को नहीं उठाया जा सकेगा. इसलिए हम कह रहे हैं कि CDR रिपोर्ट पर लगा दें, नहीं तो इस बिंदु पर जांच का निर्देश दिया जाए. कोर्ट ने पूछा है कि CDR रिपोर्ट आ जाए तो फिर आप बहस के लिए समय लेंगे.
जरूरी है सीडीआर रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि CDR रिपोर्ट गैर जरूरी दस्तावेज है. शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि CDR रिपोर्ट ट्रायल का विषय है, उसकी अभी जरूरत नहीं है. बृजभूषण के वकील ने कहा कि CDR रिपोर्ट बहुत महत्वपूर्ण है, CDR रिपोर्ट के आधार पर 7 सितंबर की तारीख अस्तित्व में आ जाएगीय. कोर्ट ने कहा कि वह पहले बृजभूषण द्वारा दाखिल अर्जी का निपटारा करेगा. उसके बाद बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला सुनाएगा. बृजभूषण की अर्जी पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है. 26 अप्रैल को फैसला आएगा. इस अर्जी पर फैसले के बाद आरोप तय करने पर आएगा फैसला.