scorecardresearch
 

रेनकोट नहीं, रेन गियर पहनते हैं विदेशी! क्या है ये, जिसमें एक बूंद नहीं जाती अंदर

बारिश में विदेशी लोग साधारण रेनकोट की बजाय रेन गियर क्यों पहनते हैं? जानिए रेन गियर क्या होता है, यह कैसे काम करता है, इसकी वाटरप्रूफ तकनीक क्या है और क्यों इसमें बारिश का पानी अंदर नहीं जाता.

Advertisement
X
रेन गियर बनाने में खास तरह के वाटरप्रूफ फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है. ( Photo: ITG)
रेन गियर बनाने में खास तरह के वाटरप्रूफ फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है. ( Photo: ITG)

बारिश शुरू होते ही भारत में ज्यादातर लोग सबसे पहले रेनकोट निकालते हैं. लेकिन अगर आपने कभी यूरोप, अमेरिका, जापान या ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लोगों को बारिश में चलते देखा हो, तो आपने एक बात जरूर नोटिस की होगी. वहां बहुत से लोग साधारण रेनकोट की जगह रेन गियर पहनते हैं. पहली नजर में रेन गियर भी रेनकोट जैसा ही लगता है, लेकिन असल में दोनों में काफी अंतर होता है. रेन गियर सिर्फ शरीर को बारिश से ढकने के लिए नहीं बनाया जाता, बल्कि इसका मकसद यह होता है कि तेज बारिश, हवा और ठंड के बीच भी शरीर पूरी तरह सूखा और आरामदायक रहे. यही वजह है कि विदेशों में ट्रेकर, बाइक राइडर, हाइकर, साइकिल चलाने वाले और रोजाना पैदल आने-जाने वाले लोग रेनकोट की बजाय रेन गियर को ज्यादा पसंद करते हैं.

आखिर रेन गियर क्या होता है?
रेन गियर बारिश से बचाने वाले कई तरह के कपड़ों और एक्सेसरीज का पूरा सेट होता है. इसमें आमतौर पर वाटर प्रूफ जैकेट, वाटरप्रूफ पैंट, हुड (सिर ढकने वाली टोपी), वाटरप्रूफ जूते या शू कवर और कभी-कभी वाटरप्रूफ दस्ताने भी शामिल होते हैं. यानी रेन गियर सिर्फ ऊपरी शरीर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर को बारिश से बचाने का काम करता है.

रेनकोट और रेन गियर में क्या फर्क है?
भारत में जो सामान्य रेनकोट इस्तेमाल किए जाते हैं, उनमें अक्सर सिर्फ लंबा कोट या पोंचो होता है. इससे शरीर का ऊपरी हिस्सा तो बच जाता है, लेकिन पैरों, जूतों या कपड़ों तक पानी पहुंच जाता है. इसके उलट रेन गियर में जैकेट और पैंट दोनों होते हैं. इसके अलावा जैकेट की कलाई, गर्दन और कमर पर ऐसे फिटिंग सिस्टम दिए जाते हैं, जिससे बारिश का पानी अंदर नहीं जा पाता. यही कारण है कि तेज बारिश में भी शरीर लगभग पूरी तरह सूखा रहता है.

Advertisement

एक बूंद पानी अंदर क्यों नहीं जाती?
रेन गियर बनाने में खास तरह के वाटरप्रूफ फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है. इन कपड़ों पर ऐसी विशेष कोटिंग होती है जो पानी को कपड़े के अंदर नहीं जाने देती. जब बारिश की बूंदें गिरती हैं, तो वे कपड़े के ऊपर मोती जैसी बनकर फिसल जाती हैं. महंगे रेन गियर में सीम (जहां कपड़े सिलते हैं) को भी अंदर से सील किया जाता है. इसे सीम सीलिंग कहा जाता है. अगर सिलाई वाली जगह खुली रह जाए तो वहीं से पानी अंदर आ सकता है. इसलिए अच्छी क्वालिटी के रेन गियर में इन जगहों को भी पूरी तरह बंद कर दिया जाता है.

क्या रेन गियर में घुटन नहीं होती?
यह सबसे बड़ा अंतर है. सस्ते रेनकोट में कुछ देर पहनने के बाद अंदर पसीना जमा होने लगता है. ऐसे में कपड़े बारिश से नहीं, बल्कि पसीने से गीले हो जाते हैं. लेकिन अच्छे रेन गियर में ब्रीदेबल (Breathable)फैब्रिक का इस्तेमाल होता है. इसका मतलब है कि बाहर का पानी अंदर नहीं आता, लेकिन शरीर से निकलने वाली भाप बाहर निकल जाती है. इससे व्यक्ति लंबे समय तक आराम से काम कर सकता है.

विदेशी लोग रेन गियर को ज्यादा क्यों पसंद करते हैं?
कई देशों में बारिश घंटों या कई दिनों तक लगातार होती रहती है. ऐसे में सिर्फ सिर और शरीर ढक लेना काफी नहीं होता. लोगों को ऑफिस जाना होता है, साइकिल चलानी होती है, ट्रेकिंग करनी होती है या पहाड़ों पर घूमना होता है. ऐसे में ऐसा कपड़ा चाहिए जो हल्का भी हो, मजबूत भी हो और लंबे समय तक पानी से बचाए. रेन गियर इन्हीं जरूरतों को पूरा करता है.

Advertisement

बाइक चलाने वालों के लिए क्यों बेहतर है?
अगर आपने कभी बाइक पर रेनकोट पहनकर सफर किया होगा, तो महसूस किया होगा कि तेज हवा में रेनकोट उड़ने लगता है और कई बार नीचे से पानी भी अंदर आ जाता है. रेन गियर शरीर से अच्छी तरह फिट होता है. इसकी पैंट और जैकेट अलग-अलग होने के कारण हवा का असर कम पड़ता है. यही वजह है कि विदेशों में बाइक राइडर और डिलीवरी एजेंट भी रेन गियर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं.
 
कितने में आता है रेन गियर
बाजार में अलग-अलग कीमत के रेन गियर मिलते हैं. सामान्य इस्तेमाल के लिए भी किफायती विकल्प मौजूद हैं, जबकि प्रोफेशनल ट्रेकिंग, माउंटेन क्लाइंबिंग या एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए महंगे और ज्यादा मजबूत रेन गियर बनाए जाते हैं. कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि कपड़े की क्वालिटी , वाटरप्रूफ टेक्नीक और ब्रीदेबल क्षमता कितनी अच्छी है.

क्या भारत में भी इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में भी रेन गियर की मांग तेजी से बढ़ी है. ऑनलाइन शॉपिंग और एडवेंचर ट्रैवल के बढ़ते चलन के कारण अब लोग सिर्फ साधारण रेनकोट की बजाय बेहतर क्वालिटी के रेन गियर खरीद रहे हैं. खासकर बाइक राइडर, ट्रेकर, डिलीवरी पार्टनर और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले लोग इसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

Advertisement

क्या हर किसी को रेन गियर खरीदना चाहिए?
अगर आप कभी-कभार ही बारिश में बाहर निकलते हैं, तो सामान्य रेनकोट भी आपकी जरूरत पूरी कर सकता है. लेकिन अगर रोजाना ऑफिस जाना पड़ता है, बाइक से सफर करते हैं, लंबी दूरी तय करते हैं या ऐसी जगह रहते हैं जहां तेज और लगातार बारिश होती है, तो रेन गियर ज्यादा सुविधाजनक साबित हो सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement