आज से 15 साल पहले, मई के महीने में ही अमेरिका ने पाकिस्तान के एबटाबाद के एक घर में ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें दुनिया का सबसे वॉन्टेड आतंकी ओसामा बिन लादेन मारा गया था. उस ऑपरेशन के बारे में आपने बहुत कुछ सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं उस वक्त अमेरिका नेवी सील ऑपरेशन के बाद उस घर से 13 ईंट भी उठाकर ले लाए थे. अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर यूएस के जवानों ने ऐसा क्यों किया और आज इस बात की चर्चा क्यों हो रही है.
दरअसल, अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर इन ईंट से जुड़ा एक पोस्ट किया है, जिसके बाद इसकी काफी चर्चा हो रही है. सीआईए ने उन ईंटों की फोटो भी शेयर की है, जो अमेरिकी जवान एबटाबाद के उस घर से लेकर आए थे. साथ ही सीआईए ने एबटाबाद के उस घर की भी तस्वीरें अपनी वेबसाइट पर अपलोड की हुई हैं, जहां ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था.
सीआईए ने अपने पोस्ट में वेबसाइट का वो लिंक शेयर किया है, जिसमें इन ईंटों की जानकारी दी गई है. दरअसल, जब अमेरिकी सेना ने वहां ऑपरेशन को अंजाम दिया तो वहां से कई सबूत भी अपने साथ लेकर आई थी, जिसमें पेन ड्राइव, हार्ड ड्राइव और ये ईंटें भी शामिल थीं.
सीआईए की वेबसाइट के अनुसार, ओसामा बिन लादेन के ठिकाने पर ऑपरेशन के बाद यह 13 ईंटें बरामद की गई थीं. इन पर ‘A’, ‘M’ और S अक्षर लिखे थे. नेवी सील के कमांडो ने पहली ईंट CIA के तत्कालीन निदेशक लियोन को भेंट की थी जो अब CIA के म्यूजियम में रखी गई है. आप नीचे उन ईंट की फोटो देख सकते हैं.

सीआईए ने उस घर के मॉडल भी शेयर किए हैं, जो ऑपरेशन से पहले बनाए गए थे. इसके बाद उस हिसाब से प्लानिंग की गई और फिर लादेन को मारा गया. सीआईए के अनुसार, विशेष अभियान बलों ने ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले अपनी योजना का अभ्यास करने के लिए एबटाबाद परिसर के वास्तविक आकार के मॉडल का इस्तेमाल किया था.
एबटाबाद परिसर पर छापा मारने की योजना सावधानीपूर्वक बनाई गई थी ताकि पड़ोसी पाकिस्तानी नागरिकों को होने वाले खतरे को कम किया जा सके. छापेमारी के दौरान बिन लादेन मुख्य भवन की तीसरी मंजिल पर मिला था. इस मॉडल का इस्तेमाल राष्ट्रपति ओबामा को जानकारी देने के लिए किया गया था, जिन्होंने परिसर पर छापे की मंजूरी दी थी.

बता दें कि अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमले के बाद अमेरिकी एजेंसियां लगातार लादेन की तलाश करती रहीं और वह 10 साल तक छिपता बचता रहा. 2011 में अमेरिका को सुराग मिला कि लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में स्थित एक घर में है. इसके बाद सीआईए ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और लादेन को 2 मई 2011 में मार दिया गया.