उत्तर प्रदेश में तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जाने का सिस्टम जारी है. अब लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में प्रीपेड मीटर हैं. यानी आपको पहले रिचार्ज करना होगा और रिचार्ज करने के बाद आपको बिजली मिलेगी. लेकिन, सरकार अब जल्द ही उन लोगों के बिजली कनेक्शन काटने की तैयारी कर रही है, जो लंबे समय से बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर प्रीपेड मीटर कैसे काम कर रहा है और किनके बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं?
क्या है स्मार्ट मीटर का सिस्टम?
दरअसल, केंद्र सरकार की पहल के बाद अब राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है. उत्तर प्रदेश में भी बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. यूपीपीसीएल के जन संपर्क अधिकारी ने आजतक को बताया कि अभी तक प्रदेश में 77 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसमें अधिकतर मीटर प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं.
प्रीपेड मीटर का क्या है मतलब?
प्रीपेड मीटर का मतलब है पहले पैसे और फिर बिजली. यानी आपको फोन के रिचार्ज की तरह पहले पैसा देना होगा. जैसे रिचार्ज सिस्टम में पहले बैलेंस रहता है तो आप फोन कॉल कर पाते हैं, वैसे ही बिजली मीटर की कहानी है. पहले आपको पैसे देने होंगे और उसके बाद बिजली यूनिट मिल जाएंगे, जिनका आप इस्तेमाल कर सकेंगे.
किनके कनेक्शन काटे जा रहे हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब उन लोगों के बिजली कनेक्शन 13 मार्च से काट दिए जाएंगे, जिनका बैलेंस लंबे समय से नेगेटिव में है. ऐसे में जब हमने लखनऊ सेन्ट्रल क्षेत्र के मुख्य अभियन्ता (वितरण) रवि कुमार अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. जो भी नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, वो सभी प्रीपेड सिस्टम से ऑपरेट हो रहे हैं. साथ ही उन्होंने बिजली कनेक्शन काटने की बात को लेकर कहा कि ऐसा नहीं है कि सभी नेगेटिव वालों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे. अभी कुछ लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, जिनका नेगेटिव बैलेंस काफी ज्यादा है. ये अभी लोगों में सतर्कता बढ़ाने के लिए है.
साथ ही उन्होंने बताया कि पहले सभी सरकारी इमारतों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए थे और अब उसके बाद आम लोगों के भी ये मीटर लगाए जा रहे हैं. सरकार की ओर से अभी कनेक्शन नहीं काटे गए हैं, अभी लोगों को समझने के लिए वक्त दिया जा रहा है ताकि लोग नए सिस्टम को समझ सके.
अभी क्या करना होगा?
अगर आपके यहां भी स्मार्ट मीटर है तो आप भी अपना नेगेटिव बिल का भुगतान कर लें. इसके अलावा अगर स्मार्ट मीटर लगा है तो आप फोन के जरिए अपने अकाउंट नंबर से रिचार्ज कर सकते हैं. आप जितना रिचार्ज करेंगे आपको उतनी बिजली इस्तेमाल की परमिशन मिल जाएगी. लेकिन, ज्यादा वक्त तक नेगेटिव बैलेंस रहने पर विभाग की ओर से कनेक्शन काट दिया जाएगा.